Chaiti Durga Ashtami 2026: चैत्र नवरात्रि का आठवां दिन दुर्गाष्टमी के रूप में मनाया जाता है. यह दिन मां दुर्गा के आठवें स्वरूप मां महागौरी को समर्पित होता है. मान्यता है कि मान्यता है कि इस दिन दिल से पूजा करने पर जीवन की परेशानियां कम होती हैं और खुशहाली आती है.
पूजा और कन्या पूजन मुहूर्त
- मां महागौरी की पूजा का शुभ समय सुबह 6:50 से 8:21 तक है.
- वहीं, कन्या पूजन का मुहूर्त सुबह 10:55 से दोपहर 12:27 तक माना गया है.
मां महागौरी का स्वरूप
मां महागौरी का रंग सफेद होता है, जो शांति और पवित्रता को दर्शाता है. वे सफेद कपड़े पहनती हैं और बैल पर सवार रहती हैं. मां की चार भुजाएं होती हैं—एक हाथ में त्रिशूल, दूसरे में डमरू और दो हाथों से वे आशीर्वाद देती हैं.
मां को भोग क्या लगाएं
इस दिन मां को सफेद रंग की चीजें चढ़ाना शुभ माना जाता है. आप नारियल, खीर, हलवा और सफेद मिठाइयों का भोग लगा सकते हैं. ऐसा करने से मां खुश होकर भक्तों की मनोकामनाएं पूरी करती हैं.
पूजा विधि आसान भाषा में
सुबह जल्दी उठकर नहाने के बाद साफ, हल्के रंग के कपड़े पहनें. पूजा की जगह को साफ करके मां की मूर्ति या तस्वीर स्थापित करें. गंगाजल छिड़कें, दीपक जलाएं और मां को फूल, चंदन, रोली और अक्षत अर्पित करें. इसके बाद धूप-दीप से पूजा करें, मंत्र जाप करें और अंत में आरती करके प्रसाद बांटें.
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कन्या पूजन का महत्व
नवरात्रि में अष्टमी के दिन कन्या पूजन किया जाता है. छोटी कन्याओं को भोजन कराकर उन्हें भेंट और दक्षिणा देने से मां की विशेष कृपा प्राप्त होती है.
