Alvida Jumma 2026: आज रमजान का आखिरी जुमा यानी अलविदा जुमा अकीदत, एहतराम और रूहानी जज़्बे के साथ अदा किया जाएगा. यह दिन मुसलमानों के लिए बेहद खास माना जाता है, क्योंकि यह रमजान के रुखसत होने का पैगाम देता है. अलविदा जुमा इबादत, तौबा, दुआ और अल्लाह की रहमत पाने का अहम मौका होता है. मस्जिदों में नमाज के लिए खास तैयारियां की गई हैं और लोग बड़ी संख्या में नमाज अदा करने पहुंचेंगे.
रमजान के आखिरी दिन के साथ खास मेल
इस बार अलविदा जुमा और रमजान का आखिरी दिन एक खास संयोग में पड़ रहे हैं. भारत में 21 मार्च 2026 को ईद-उल-फितर मनाए जाने की संभावना के बीच यह माना जा रहा है कि रमजान की विदाई और अलविदा जुमा का यह मेल इस मौके को और भी अहम बना रहा है. ऐसे में आज का दिन इबादत और दुआ के लिहाज से और ज्यादा खास माना जा रहा है.
26 साल बाद बना पांच जुमों का संयोग
इस बार रमजान का महीना एक दुर्लभ संयोग लेकर आया है. करीब 26 साल बाद ऐसा मौका आया है, जब पूरे रमजान में पांच जुमे पड़े हैं. आमतौर पर रमजान में चार जुमे ही आते हैं, लेकिन इस बार पांच जुमों का पड़ना लोगों के बीच खास चर्चा का विषय बना हुआ है. धार्मिक जानकार इसे रहमत, बरकत और मगफिरत का खास मौका बता रहे हैं.
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विद्वानों ने बताया रहमत का समय
धार्मिक विद्वानों के अनुसार रमजान में पड़ने वाला हर जुमा अपने आप में बहुत अहम होता है, लेकिन पांच जुमों का होना अल्लाह की खास नेमत माना जाता है. उनका कहना है कि यह वक्त गुनाहों की माफी मांगने, नेक अमल बढ़ाने और इबादत को मुकम्मल करने का सबसे अच्छा समय है. इसलिए आज के दिन लोग नमाज, कुरान की तिलावत और दुआ में ज्यादा समय बिताएंगे.
