Ahemdabad Plane Crash: ज्योतिषीय नजर से देखें अहमदाबाद विमान हादसा, जानें कौन-से ग्रह बने कारण

Ahemdabad Plane Crash: 12 जून 2025 को अहमदाबाद में हुए भीषण विमान हादसे ने पूरे देश को सदमे में डाल दिया. जहां एक ओर तकनीकी कारणों की जांच चल रही है, वहीं ज्योतिषीय दृष्टिकोण से देखें तो मंगल-राहु की युति और वक्री शनि जैसे अशुभ ग्रह संयोग इस दुखद दुर्घटना के संभावित कारक माने जा सकते हैं.

Ahemdabad Plane Crash: गुजरात के अहमदाबाद में गुरुवार, 12 जून की दोपहर एक बड़ा हवाई हादसा हो गया जब एयर इंडिया का पैसेंजर विमान बोइंग ड्रीमलाइनर 787 क्रैश हो गया. हादसे की भयावह तस्वीरें सामने आई हैं, जिनमें मेघानीनगर इलाके में आग की ऊंची लपटें और घना काला धुआं दूर तक फैलता नजर आ रहा है. इस विमान में कुल 242 यात्री सवार थे और सभी के मारे जाने की आशंका जताई जा रही है, जिससे हादसे की गंभीरता और बढ़ गई है. यह ड्रीमलाइनर बोइंग 787 लंदन के लिए रवाना हो रहा था, लेकिन अहमदाबाद के सरदार वल्लभभाई पटेल अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से टेकऑफ करते ही पास की किसी इमारत या दीवार से टकरा गया और दुर्घटना का शिकार हो गया.

गुजरात के अहमदाबाद में हुआ विमान हादसा निःसंदेह एक अत्यंत दुखद और गंभीर घटना है. हालांकि इसे केवल तकनीकी दृष्टि से देखने के बजाय जब हम ज्योतिषाचार्य डॉ एन के बेरा के ज्योतिषीय नजरिए से विश्लेषण करते हैं, तो कुछ अशुभ ग्रह संयोग और विशेष योग नजर आते हैं, जो इस तरह की दुर्घटनाओं की आशंका को जन्म दे सकते हैं.

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इन ग्रहों के कारण होती है दुर्घटनाएं

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, जब मंगल, शनि, राहु और केतु जैसे ग्रह प्रतिकूल स्थिति में होते हैं या आपस में टकराते हैं, तो यह अग्निकांड, यांत्रिक विफलता और दुर्घटनाओं के योग बनाते हैं. क्रैश के दिन मंगल एक वायु तत्व राशि में स्थित था और उस पर राहु की दृष्टि पड़ रही थी. मंगल जहां ऊर्जा और अग्नि का कारक है, वहीं राहु भ्रम, तकनीकी गड़बड़ी और आकस्मिक विपत्तियों से जुड़ा होता है. इन दोनों की युति या दृष्टि अक्सर खतरनाक परिस्थितियों को जन्म देती है.

शनि की वक्री चाल से होती है विनाशकारी घटनाओं का कारण

इसी के साथ शनि आज वक्री चाल में थे, जो अक्सर बाधाएं, यांत्रिक खराबी और गंभीर नुकसान का संकेत माने जाते है. जब शनि, राहु और मंगल के मध्य प्रभाव डालता है, तो यह त्रिकोण विनाशकारी घटनाओं की आशंका को और बढ़ा देता है. घटना के समय चंद्रमा भी नीच राशि में था, जो मानसिक तनाव, भ्रम और निर्णय में चूक का कारण बन सकता है. ऐसे में यह संभव है कि पायलट या टेक्निकल स्टाफ पर भी इन ग्रहों का सीधा प्रभाव पड़ा हो.

अंततः कहा जा सकता है कि अहमदाबाद विमान हादसे के पीछे केवल तकनीकी कारण नहीं थे, बल्कि उस समय की ग्रह दशाएं और नकारात्मक ज्योतिषीय संयोग भी इसकी एक बड़ी वजह हो सकते हैं. यह घटना इस बात की याद दिलाती है कि आधुनिक तकनीक के साथ-साथ ग्रहों की चाल और समय का आकलन भी हमारे जीवन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है.

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लेखक के बारे में

By Shaurya punj

मैं धर्म, ज्योतिष और आध्यात्मिक विषयों पर लेखन में विशेषज्ञता रखता हूं. हस्तरेखा शास्त्र, राशिफल, ग्रह-नक्षत्र, धार्मिक परंपराओं और पौराणिक कथाओं से जुड़े विषयों पर मेरी विशेष रुचि और गहरी समझ है. रांची के सेंट जेवियर्स कॉलेज से मास कम्युनिकेशन में स्नातक करने के बाद मैंने डिजिटल मीडिया और कंटेंट राइटिंग के क्षेत्र में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव हासिल किया है. धर्म और ज्योतिष के अलावा एंटरटेनमेंट, लाइफस्टाइल और शिक्षा जैसे विषयों पर भी लगातार लेखन करता रहा हूं. मेरी कोशिश रहती है कि जटिल विषयों को आसान, रोचक और भरोसेमंद तरीके से पाठकों तक पहुंचाया जाए.

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