प्रदोष व्रत के दिन करें महादेव के 108 नामों का जाप, जीवन में आएगी सुख-समृद्धि

Pradosh Vrat 2026: प्रदोष व्रत के पावन दिन भगवान शिव के 108 नामों का जाप करना अत्यंत शुभ और फलदायी माना जाता है. मान्यता है कि इन नामों का श्रद्धापूर्वक जप करने से महादेव प्रसन्न होते हैं और अपने भक्तों आशीर्वाद देते हैं.

Pradosh Vrat 2026: हिंदू पंचांग के अनुसार, प्रत्येक माह के शुक्ल और कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि को प्रदोष व्रत रखा जाता है. यह व्रत भगवान शिव को समर्पित है. मान्यता है कि इस व्रत को विधि-विधान से करने पर व्यक्ति के जीवन के दुख-दर्द और कष्ट दूर होते हैं तथा सुख-समृद्धि और खुशहाली का आगमन होता है. इस दिन महादेव की पूजा-अर्चना के साथ उनके 108 नामों का जाप करना भी अत्यंत शुभ माना जाता है. कहा जाता है कि भगवान शिव के नामों के जप से मानसिक तनाव दूर होता है, मन को शांति मिलती है और जीवन में सकारात्मकता का संचार होता है.

भगवान शिव के 108 नाम 

शिव जी के 108 नाम

  1. शिव – ॐ शिवाय नमः
  2. महेश्वर – ॐ महेश्वराय नमः
  3. शंभु – ॐ शंभवे नमः
  4. पिनाकी – ॐ पिनाकिने नमः
  5. शशिशेखर – ॐ शशिशेखराय नमः
  6. वामदेव – ॐ वामदेवाय नमः
  7. विरूपाक्ष – ॐ विरूपाक्षाय नमः
  8. कपर्दी – ॐ कपर्दिने नमः
  9. नीललोहित – ॐ नीललोहिताय नमः
  10. शंकर – ॐ शंकराय नमः
  11. शूलपाणि – ॐ शूलपाणये नमः
  12. खट्वांगी – ॐ खट्वांगिने नमः
  13. विष्णुवल्लभ – ॐ विष्णुवल्लभाय नमः
  14. शिपिविष्ट – ॐ शिपिविष्टाय नमः
  15. अंबिकानाथ – ॐ अंबिकानाथाय नमः
  16. श्रीकण्ठ – ॐ श्रीकण्ठाय नमः
  17. भक्तवत्सल – ॐ भक्तवत्सलाय नमः
  18. भव – ॐ भवाय नमः
  19. शर्व – ॐ शर्वाय नमः
  20. त्रिलोकेश – ॐ त्रिलोकेशाय नमः
  21. शितिकण्ठ – ॐ शितिकण्ठाय नमः
  22. शिवप्रिय – ॐ शिवप्रियाय नमः
  23. उग्र – ॐ उग्राय नमः
  24. कपाली – ॐ कपालिने नमः
  25. कामारी – ॐ कामारये नमः
  26. अंधकासुरसूदन – ॐ अंधकासुरसूदनाय नमः
  27. गंगाधर – ॐ गंगाधराय नमः
  28. ललाटाक्ष – ॐ ललाटाक्षाय नमः
  29. कालकाल – ॐ कालकालाय नमः
  30. कृपानिधि – ॐ कृपानिधये नमः
  31. भीम – ॐ भीमाय नमः
  32. परशुहस्त – ॐ परशुहस्ताय नमः
  33. मृगपाणि – ॐ मृगपाणये नमः
  34. जटाधर – ॐ जटाधराय नमः
  35. कैलाशवासी – ॐ कैलाशवासिने नमः
  36. कवची – ॐ कवचिने नमः
  37. कठोर – ॐ कठोराय नमः
  38. त्रिपुरांतक – ॐ त्रिपुरांतकाय नमः
  39. वृषांक – ॐ वृषांकाय नमः
  40. वृषभारूढ़ – ॐ वृषभारूढ़ाय नमः
  41. भस्मोद्धूलितविग्रह – ॐ भस्मोद्धूलितविग्रहाय नमः
  42. सामप्रिय – ॐ सामप्रियाय नमः
  43. स्वरमय – ॐ स्वरमयाय नमः
  44. त्रयीमूर्ति – ॐ त्रयीमूर्तये नमः
  45. अनीश्वर – ॐ अनीश्वराय नमः
  46. सर्वज्ञ – ॐ सर्वज्ञाय नमः
  47. परमात्मा – ॐ परमात्मने नमः
  48. सोमसूर्याग्निलोचन – ॐ सोमसूर्याग्निलोचनाय नमः
  49. हविष्य – ॐ हविषे नमः
  50. यज्ञमय – ॐ यज्ञमयाय नमः
  51. सोम – ॐ सोमाय नमः
  52. पंचवक्त्र – ॐ पंचवक्त्राय नमः
  53. सदाशिव – ॐ सदाशिवाय नमः
  54. विश्वेश्वर – ॐ विश्वेश्वराय नमः
  55. वीरभद्र – ॐ वीरभद्राय नमः
  56. गणनाथ – ॐ गणनाथाय नमः
  57. प्रजापति – ॐ प्रजापतये नमः
  58. हिरण्यरेतस – ॐ हिरण्यरेतसे नमः
  59. दुर्धर्ष – ॐ दुर्धर्षाय नमः
  60. गिरीश – ॐ गिरीशाय नमः
  61. अनघ – ॐ अनघाय नमः
  62. भुजंगभूषण – ॐ भुजंगभूषणाय नमः
  63. भर्ग – ॐ भर्गाय नमः
  64. गिरिधन्वा – ॐ गिरिधन्वने नमः
  65. गिरिप्रिय – ॐ गिरिप्रियाय नमः
  66. कृत्तिवासा – ॐ कृत्तिवाससे नमः
  67. पुराराति – ॐ पुरारातये नमः
  68. भगवान – ॐ भगवते नमः
  69. प्रमथाधिप – ॐ प्रमथाधिपाय नमः
  70. मृत्युंजय – ॐ मृत्युंजयाय नमः
  71. सूक्ष्मतनु – ॐ सूक्ष्मतनवे नमः
  72. जगद्व्यापी – ॐ जगद्व्यापिने नमः
  73. जगद्गुरु – ॐ जगद्गुरवे नमः
  74. व्योमकेश – ॐ व्योमकेशाय नमः
  75. महासेनजनक – ॐ महासेनजनकाय नमः
  76. चारुविक्रम – ॐ चारुविक्रमाय नमः
  77. रुद्र – ॐ रुद्राय नमः
  78. भूतपति – ॐ भूतपतये नमः
  79. स्थाणु – ॐ स्थाणवे नमः
  80. अहिर्बुध्न्य – ॐ अहिर्बुध्न्याय नमः
  81. दिगंबर – ॐ दिगंबराय नमः
  82. अष्टमूर्ति – ॐ अष्टमूर्तये नमः
  83. अनेकात्मा – ॐ अनेकात्मने नमः
  84. सात्विक – ॐ सात्विकाय नमः
  85. शुद्धविग्रह – ॐ शुद्धविग्रहाय नमः
  86. शाश्वत – ॐ शाश्वताय नमः
  87. खण्डपरशु – ॐ खण्डपरशवे नमः
  88. अज – ॐ अजाय नमः
  89. पाशविमोचन – ॐ पाशविमोचनाय नमः
  90. मृड – ॐ मृडाय नमः
  91. पशुपति – ॐ पशुपतये नमः
  92. देव – ॐ देवाय नमः
  93. महादेव – ॐ महादेवाय नमः
  94. अव्यय – ॐ अव्ययाय नमः
  95. हरि – ॐ हरये नमः
  96. भगनेत्रभिद् – ॐ भगनेत्रभिदे नमः
  97. अव्यक्त – ॐ अव्यक्ताय नमः
  98. दक्षाध्वरहर – ॐ दक्षाध्वरहराय नमः
  99. हर – ॐ हराय नमः
  100. पूषदन्तभिद् – ॐ पूषदन्तभिदे नमः
  101. अव्यग्र – ॐ अव्यग्राय नमः
  102. सहस्राक्ष – ॐ सहस्राक्षाय नमः
  103. सहस्रपाद – ॐ सहस्रपदे नमः
  104. अपवर्गप्रद – ॐ अपवर्गप्रदाय नमः
  105. अनंत – ॐ अनंताय नमः
  106. तारक – ॐ तारकाय नमः
  107. परमेश्वर – ॐ परमेश्वराय नमः
  108. त्र्यम्बक – ॐ त्र्यम्बकाय नमः

यह भी पढ़ें: Pradosh Vrat 2026: प्रदोष व्रत आज, जानें कैसे महादेव की आराधना ने दिलाई चंद्रदेव को ससुर के श्राप से मुक्ति

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Neha kumari

नेहा कुमारी वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में धर्म बीट पर कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं. वह व्रत-त्योहार, राशिफल, पंचांग, ज्योतिष, शुभ मुहूर्त, पौराणिक कथाओं और भारतीय संस्कृति से जुड़े विषयों पर लेख लिखती हैं. उन्होंने वेस्ट बंगाल स्टेट यूनिवर्सिटी से मास्टर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन की डिग्री प्राप्त की है.

डिजिटल पत्रकारिता में उन्होंने धर्म, ज्योतिष और भारतीय परंपराओं से जुड़े विषयों पर विशेष अनुभव हासिल किया है. उनका उद्देश्य पाठकों तक सरल भाषा में सटीक, विश्वसनीय और उपयोगी जानकारी पहुंचाना है, ताकि वे धार्मिक और सांस्कृतिक विषयों को आसानी से समझ सकें.

Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >