आषाढ कृष्ण पक्ष अमावस्या यानी दो जुलाई 2019 मंगलवार को सूर्य ग्रहण लगेगा. इस दिन साल का दूसरा सूर्यग्रहण लगेगा. भारत में इस ग्रहण का कोई बड़ा प्रभाव देखने को नहीं मिलेगा, लेकिन जिन देशों में ये ग्रहण दिखाई देगा वहां इसका सूतक माना जाएगा. सूर्य ग्रहण दक्षिणी अमेरिका, प्रशांत महासागर और दक्षिणमध्य अमेरिका एवं अर्जेंटीना में दिखायी देगा. इस पूर्ण सूर्य ग्रहण का मोक्ष अटलांटिका में होगा. यह सूर्य ग्रहण दक्षिण अमेरिका महाद्वीप के पेरू, ब्राजील, अर्जेंटीना, मेक्सिको, एक्वावाडोर, वेनुजुएला आदि देशों में प्रमुखता से दिखाई देगा.
कल लगेगा साल का दूसरा सूर्य ग्रहण, भारत में प्रभाव नहीं लेकिन राशियों पर पड़ेगा असर
आषाढ कृष्ण पक्ष अमावस्या यानी दो जुलाई 2019 मंगलवार को सूर्य ग्रहण लगेगा. इस दिन साल का दूसरा सूर्यग्रहण लगेगा. भारत में इस ग्रहण का कोई बड़ा प्रभाव देखने को नहीं मिलेगा, लेकिन जिन देशों में ये ग्रहण दिखाई देगा वहां इसका सूतक माना जाएगा. सूर्य ग्रहण दक्षिणी अमेरिका, प्रशांत महासागर और दक्षिणमध्य अमेरिका एवं […]

ज्योतिष विशेषज्ञों के मुताबिक, यह सूर्य ग्रहण भारतीय समय के अनुसार दो जुलाई की रात तकरीबन 10.25 बजे प्रारंभ होगा. रात 12.55 मिनट पर ग्रहण का मध्य होगा और रात 3.21 बजे ग्रहण का मोक्ष होगा. जिन देशों में रात में सूर्य ग्रहण लगता है, वहां पर परोक्ष रूप से ग्रहण का कोई महत्व नहीं होता है, लेकिन ग्रह और राशि पर इसका असर जरूर पड़ता है. जो लोग ग्रहण को मानते हैं, उन्हें पूजा अर्चना करने के बाद गरीबों को दान करना चाहिए.
क्या होता है सूर्यग्रहण
पृथ्वी अपनी धुरी पर घूमने के साथ-साथ सूर्य के चारों ओर भी चक्कर लगाती है. दूसरी ओर, चंद्रमा पृथ्वी का चक्कर लगता है, इसलिए, जब भी चंद्रमा चक्कर काटते-काटते सूर्य और पृथ्वी के बीच आ जाता है, तब पृथ्वी पर सूर्य आंशिक या पूर्ण रूप से दिखना बंद हो जाता है. इसी घटना को सूर्यग्रहण कहा जाता है. इस खगोलीय स्थिति में सूर्य, चंद्रमा और पृथ्वी तीनों एक ही सीधी रेखा में आ जाते हैं. सूर्यग्रहण अमावस्या के दिन होता है,जबकि चंद्रग्रहण हमेशा पूर्णिमा के दिन पड़ता है.