Vrishabh Rashi: वृषभ राशि के लोग मेहनती, धैर्यवान और स्थिर स्वभाव के होते हैं. ये लोग कला, सौंदर्य व भौतिक सुखों की ओर आकर्षित रहते हैं. इनके जीवन में सरकारी कार्य, जमीन-जायदाद और व्यापारिक यात्राओं के योग मिलते हैं. ये लोग योजनाबद्ध सोच और नेतृत्व क्षमता रखते हैं और क्रोध से बचना चाहते है.
वृषभ राशि के मुख्य बातें
वृषभ राशि का पहला अक्षर- ई, ऊ, ए, ओ, वा, वी, वू, वे, वो
वृषभ राशि स्वरूप- बैल जैसा
वृषभ राशि स्वामी- शुक्र ग्रह
जानिए वृषभ राशि वालों का स्वभाव
- वृषभ राशि का प्रतीक बैल है. बैल का स्वभाव अत्यंत परिश्रमी, मजबूत और सहनशील माना जाता है. यह सामान्यतः शांत और स्थिर प्रकृति का होता है, लेकिन जब इसे क्रोध आता है तो यह अत्यंत उग्र और शक्तिशाली रूप धारण कर लेता है.
- वृषभ राशि का स्वामी ग्रह शुक्र है, जिसे सौंदर्य, सुख-सुविधा और भौतिक समृद्धि का कारक माना जाता है. इसके अन्तर्गत कृत्तिका नक्षत्र के तीन चरण, रोहिणी के चारों चरण और मृगशिरा के प्रथम दो चरण आते हैं.
- वृषभ राशि वालों के जीवन में पिता-पुत्र का कलह रहता है. इस राशि के लोगों का मन सरकारी कार्यों की ओर रहता है. इनमें सरकारी ठेकेदारी का कार्य करवाने की योग्यता रहती है. ये लोग अधिकतर तामसी भोजन में अपनी रुचि दिखाते हैं.
- गुरु का प्रभाव व्यक्ति में ज्ञान के प्रति गहरा सम्मान और उसके महत्व का भाव उत्पन्न करता है. ये लोग जब भी किसी विषय पर बात करते हैं, तो उसमें स्वाभिमान और आत्मसम्मान की झलक स्पष्ट दिखाई देती है. सरकारी शिक्षा व्यवस्था और उससे जुड़े कार्य अपनी ओर आकर्षित करते हैं.
- वृषभ राशि वालों को जब केतु का बल मिलता है तो उनमें प्रशासनिक क्षमता और नेतृत्व की विशेष योग्यता आती है. ये लोग सरकार में मुख्य सचेतक जैसे पद तक पहुंचने में सफल होते हैं. मंगल का प्रभाव इस राशि वालों के स्वभाव में तेज और मानसिक गर्मी उत्पन्न करता है. इनकी माता के जीवन में परेशानियां अधिक देखी जाती हैं.
- वृषभ राशि वाले लोग सौन्दर्य प्रेमी और कला प्रिय होते हैं. जातक कला के क्षेत्र में नाम करता है. माता और जीवनसाथी का साथ घरेलू वातावरण में सामंजस्यता लाता है. ये लोग अपने जीवनसाथी के अधीन रहना पसंद करते हैं.
- वृषभ राशि वालों को चंद्रमा और बुध ग्रह कन्या संतान अधिक देते हैं, लेकिन माता के साथ वैचारिक मतभेद का वातावरण भी बनाते हैं. आपके जीवन में व्यापारिक यात्राएं काफी होती हैं, अपने ही बनाए हुए उसूलों पर जीवन चलाता है.
- वृषभ राशि वालों के दिमाग में हमेशा कोई योजना बनती रहती है. ये लोग कई बार अपने किए गए षडयंत्रों में खुद ही फंस भी जाते हैं. 15 रोहिणी के चौथे चरण के मालिक चन्द्रमा हैं, जातक के अंदर हमेशा उतार-चढ़ाव की स्थिति बनी रहती है, ये लोग अपने ही मन के राजा होते हैं.
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