30 साल बाद शनि का मीन में गोचर, इन राशियों पर पड़ेगा कष्ट का साया

Saturn Transit in Pisces 2025: 29 मार्च को शनि 30 वर्षों के बाद मीन राशि में प्रवेश करेंगे. इस स्थिति में दोनों के मिलन से अप्रैल महीने में मेष, सिंह समेत कई राशियों को करियर में उतार-चढ़ाव और आर्थिक समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है.विस्तार से जानें कि शनि और सूर्य की युति किन राशियों के लिए चुनौतीपूर्ण समय लेकर आएगी.

Saturn Transit in Pisces 2025: शनि ग्रह, जो न्याय का प्रतीक माने जाते हैं, 30 वर्षों के बाद पुनः मीन राशि में गोचर करने जा रहे हैं. शनि का चक्र 30 वर्षों में पूरा होता है, और इसे न्यायधीश का दर्जा प्राप्त है. जब शनि का गोचर होता है, तो कुछ राशियों पर साढ़ेसाती और धैया का प्रभाव समाप्त होता है, जबकि अन्य राशियों में यह प्रभाव शुरू होता है. शनि देव 29 मार्च 2025 को मीन राशि में प्रवेश करेंगे. देवगुरु वृहस्पति और शनिदेव एक-दूसरे के शत्रु माने जाते हैं, जिससे कुछ राशियों को लाभ मिलेगा, जबकि अन्य राशियों को नुकसान का सामना करना पड़ सकता है. इन राशियों को धन और करियर के मामलों में सतर्क रहना आवश्यक होगा.

शनि दोष का प्रभाव

ग्रहों के क्रम में सबसे शुभ ग्रह देवगुरु वृहस्पति माने जाते हैं. इसके बाद शनिदेव का स्थान आता है, जो कि मकर और कुम्भ राशि के स्वामी हैं. शनिदेव तुला राशि में उच्च स्थिति में होते हैं, जबकि मेष राशि में इन्हें नीच माना जाता है. कई लोग शनि की महादशा और गोचर के कारण भयभीत हो जाते हैं. शनि दोनों प्रकार के परिणाम देते हैं, इसलिए यह महत्वपूर्ण है कि आपके जन्मकुंडली में शनि की स्थिति क्या है. यदि शनि अशुभ स्थिति में है, तो कार्यक्षेत्र में सफलता प्राप्त करना कठिन हो सकता है, कार्य में बाधाएं उत्पन्न होती हैं, धन की हानि होती है और स्वास्थ्य भी प्रभावित होता है. शक्ति की कमी महसूस होती है. यदि शनिदोष, साढ़ेसाती या धैया जैसी समस्याएं हैं, तो स्थिति और भी गंभीर हो जाती है.

शनि दोष का स्वास्थ्य पर कैसा असर पड़ता है

जन्मकुंडली में शनि की प्रतिकूल स्थिति स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव डालती है. शनि पेट और पैरों से संबंधित बीमारियों का कारण बनता है, जिससे पैरों में दर्द और पेट की समस्याएँ उत्पन्न होती हैं, जिससे भोजन का पाचन ठीक से नहीं हो पाता. नौकरी में भी कठिनाइयां आती हैं और मानसिक स्थिति अस्थिर रहती है. बातचीत के तरीके में परिवर्तन होता है और व्यक्ति झूठ बोलने की प्रवृत्ति में बढ़ जाता है. धार्मिक कार्यों में मन नहीं लगता और बिना कारण के क्रोध उत्पन्न होता है, साथ ही झूठे आरोप भी लगाए जाते हैं.

इन राशि पर चलेगा ढैया का कष्टकारी

ज्योतिषशास्त्र के अनुसार, जब शनि मीन राशि में गोचर करता है, तब धनु और सिंह राशि के जातकों के लिए कठिन समय की शुरुआत होती है. शनि धनु राशि के चंद्रकुंडली के चौथे भाव में स्थित होगा, जिससे पारिवारिक जीवन में समस्याएँ उत्पन्न होंगी और नौकरी में भी कठिनाइयाँ आएंगी. स्वास्थ्य में गिरावट आएगी और माता के स्वास्थ्य में उतार-चढ़ाव देखने को मिलेंगे. वहीं, सिंह राशि के चंद्रकुंडली में शनि आठवें भाव में गोचर करेगा, जिससे स्वास्थ्य और आय में कमी आएगी, और नौकरी में भी उतार-चढ़ाव का सामना करना पड़ेगा.

इन राशि को शनि की साढ़ेसाती का कष्टकारी समय

न्यायाधीश शनि के गोचर से मेष राशि में साढ़ेसाती की शुरुआत होगी. कुम्भ राशि में शनि तीसरे चरण में हैं, जबकि मीन राशि में वे दूसरे चरण में रहेंगे. मेष राशि के जातकों के लिए साढ़ेसाती का आरंभ होगा, जिसमें शनि द्वादश भाव में स्थित रहेंगे, जिससे स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं. आर्थिक स्थिति में कमी आएगी और दांपत्य जीवन में अनुकूलता नहीं रहेगी. कोर्ट और कचहरी के मामलों में खर्च में वृद्धि होगी.

अशुभ शनि का लक्षण

  • कार्य आरंभ करेगें लेकिन उसमें बाधा उत्पन्न होती है.
  • परिवार में आलस और बीमारी बढ़ जाती है.
  • संतान मंदबुद्धि होता है.
  • सरकारी कार्य से भय बना रहता है.
  • पराए स्त्री के साथ सम्बंध स्थापित होता है.
  • मकान का आरंभ करेगें लेकिन धन की कमी के कारण मकान रुक जायेगा.

जन्मकुंडली, वास्तु, तथा व्रत त्यौहार से सम्बंधित किसी भी तरह से जानकारी प्राप्त करने हेतु दिए गए नंबर पर फोन करके जानकारी प्राप्त कर सकते हैं.

ज्योतिषाचार्य संजीत कुमार मिश्रा
ज्योतिष वास्तु एवं रत्न विशेषज्ञ
8080426594/9545290847

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Author: Shaurya Punj

शौर्य पुंज डिजिटल मीडिया में पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर हैं. उन्हें न्यूज वर्ल्ड में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. शौर्य खबरों की नब्ज को समझकर उसे आसान और प्रभावी भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में माहिर हैं. साल 2008 में ग्रेजुएशन के दौरान उन्होंने दैनिक हिंदुस्तान, प्रभात खबर, दैनिक जागरण और तरंग भारती (हिंदी पाक्षिक समाचार पत्र) के लिए फ्रीलांसिंग की. वर्ष 2011 में उन्होंने दैनिक जागरण के टैब्लॉइड समाचार पत्र iNext में दो महीने की इंटर्नशिप की. इसी दौरान उन्हें प्रभात खबर के डिजिटल सेक्शन में काम करने का अवसर मिला. अप्रैल 2011 से उन्होंने प्रभातखबर.कॉम के एंटरटेनमेंट सेक्शन के लिए कार्य करना शुरू किया. उस समय उन्होंने बॉलीवुड फिल्म रिव्यू, बॉक्स ऑफिस बिजनेस और एंटरटेनमेंट गॉसिप जैसी खबरों पर काम किया. साल 2020 में कोरोना काल के दौरान उन्हें लाइफस्टाइल, धर्म-कर्म, एजुकेशन और हेल्थ जैसे नॉन-न्यूज सेक्शन में काम करने का अवसर मिला. उन्होंने लाइफस्टाइल कैटेगरी के कई महत्वपूर्ण सेक्शनों में योगदान दिया. Health & Fitness सेक्शन में डाइट, योग, वेट लॉस, मानसिक स्वास्थ्य और फिटनेस टिप्स से जुड़े उपयोगी कंटेंट पर कार्य किया. Beauty & Fashion सेक्शन में स्किन केयर, हेयर केयर, मेकअप और ट्रेंडिंग फैशन विषयों पर लेख तैयार किए. Relationship & Family कैटेगरी में पति-पत्नी संबंध, डेटिंग, पैरेंटिंग और दोस्ती जैसे विषयों पर जानकारीपूर्ण कंटेंट लिखा. Food & Recipes सेक्शन में हेल्दी फूड, रेसिपी और किचन टिप्स से संबंधित सामग्री विकसित की. Travel सेक्शन के लिए घूमने की जगहों, बजट ट्रिप और ट्रैवल टिप्स पर लेखन किया. Astrology / Vastu में राशिफल, वास्तु टिप्स और ज्योतिष आधारित कंटेंट पर काम किया. Career & Motivation सेक्शन में सेल्फ-इम्प्रूवमेंट, मोटिवेशन और पर्सनैलिटी डेवलपमेंट विषयों पर योगदान दिया. Festival & Culture सेक्शन में त्योहारों की परंपराएं, पूजा विधि और शुभ मुहूर्त से संबंधित कंटेंट पर कार्य किया. इसके अलावा Women Lifestyle / Men Lifestyle और Health Education & Wellness जैसे विषयों पर भी मर्यादित एवं जानकारीपूर्ण लेखन के माध्यम से योगदान दिया. साल 2023 से शौर्य ने पूरी तरह से प्रभातखबर.कॉम के धर्म-कर्म और राशिफल सेक्शन में अपना योगदान देना शुरू किया. इस दौरान उन्होंने दैनिक राशिफल, साप्ताहिक एवं मासिक भविष्यफल, पूजा-पाठ, व्रत-त्योहार, शुभ मुहूर्त, ज्योतिषीय उपाय, वास्तु टिप्स और धार्मिक मान्यताओं से जुड़ी खबरों पर विशेष फोकस किया. साथ ही पाठकों की रुचि को ध्यान में रखते हुए सरल, सहज और जानकारीपूर्ण धार्मिक कंटेंट तैयार करने पर लगातार कार्य किया. रांची में जन्मे शौर्य की प्रारंभिक शिक्षा डीएवी पब्लिक स्कूल, हेहल, रांची से हुई. इसके बाद उन्होंने सेंट जेवियर्स कॉलेज, रांची से मास कम्यूनिकेशन एण्ड वीडियो प्रोडक्शन में बी.ए. ऑनर्स की डिग्री प्राप्त की. यह शैक्षणिक पृष्ठभूमि उन्हें हिंदी पत्रकारिता की वह विशेषज्ञता प्रदान करती है, जो पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws और 1H — क्या, कौन, कहां, कब, क्यों और कैसे — के आधार पर प्रभावी और तथ्यपूर्ण समाचार लेखन के लिए आवश्यक मानी जाती है.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >