Rohini Nakshatra: आकाशमंडल के 27 नक्षत्रों में रोहिणी चौथे स्थान पर आता है. ज्योतिषीय गणना के अनुसार, जब चंद्रमा वृषभ राशि में 10° से 23°20’ के मध्य स्थित होता है, तब रोहिणी नक्षत्र का प्रभाव माना जाता है. इस नक्षत्र के स्वामी चंद्रमा हैं और इसके अधिष्ठाता देवता सृष्टि के रचयिता ब्रह्मा जी माने गए हैं. पौराणिक कथाओं में रोहिणी को चंद्रमा की सबसे प्रिय पत्नी बताया गया है, जो सुंदरता, ऐश्वर्य, आकर्षण और विकास का प्रतीक है. यह नक्षत्र व्यक्ति के जीवन में भौतिक सुख-सुविधाओं और रचनात्मकता को बढ़ाने वाला माना जाता है.
बुध का रोहिणी नक्षत्र में गोचर
ज्योतिष के अनुसार बुध ग्रह का रोहिणी नक्षत्र में गोचर 25 मई तक प्रभावी रहेगा. यह अल्प अवधि कई राशियों के लिए आर्थिक प्रगति, करियर में उन्नति और नए अवसरों का संकेत दे रही है. बुध का यह गोचर बुद्धि, संवाद क्षमता और व्यापारिक निर्णयों को मजबूत करता है, जिससे कई जातकों के लिए लाभकारी परिस्थितियां बन सकती हैं.
मिथुन राशि
मिथुन राशि के स्वामी स्वयं बुध हैं, इसलिए यह गोचर आपके लिए विशेष रूप से लाभकारी रहेगा. रुके हुए सरकारी कार्यों में तेजी आएगी और निवेश के लिए समय अनुकूल रहेगा. आपकी तार्किक क्षमता और प्रभावशाली वाणी लोगों को आकर्षित करेगी, जिससे कार्यक्षेत्र में आपकी प्रतिष्ठा और प्रभाव बढ़ेगा.
कर्क राशि
कर्क राशि के स्वामी चंद्रमा हैं, जो रोहिणी नक्षत्र के भी अधिपति हैं, इसलिए यह समय अत्यंत शुभ माना जा रहा है. नौकरीपेशा लोगों को पदोन्नति या वेतन वृद्धि के योग बन सकते हैं. व्यापार में नए और लाभकारी कॉन्ट्रैक्ट मिलने की संभावना प्रबल रहेगी, जिससे आर्थिक स्थिति मजबूत होगी.
सिंह राशि
सिंह राशि के जातकों के लिए यह समय धन आगमन के नए स्रोत खोल सकता है. पुराने कर्ज से मुक्ति मिलने के संकेत हैं. वाहन या संपत्ति खरीदने की योजनाएं सफल हो सकती हैं. पारिवारिक जीवन में शांति और सुख-समृद्धि का वातावरण बना रहेगा.
तुला राशि
तुला राशि के लिए यह समय व्यवसाय में महत्वपूर्ण उपलब्धियां ला सकता है. कोई बड़ी डील फाइनल होने की संभावना है. कला, लेखन और मार्केटिंग से जुड़े लोगों को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिलेगा. दांपत्य जीवन में मधुरता और सामंजस्य बना रहेगा.
बुध का यह गोचर कई राशियों के लिए प्रगति और अवसरों से भरा समय साबित हो सकता है, बशर्ते निर्णय सोच-समझकर लिए जाएं.
