Guru Margi 2026: देव गुरु बृहस्पति मिथुन राशि में वक्री यानि उल्टी चाल चल रहे है. अब 11 मार्च 2026 से देव गुरु मार्गी होकर मिथुन राशि में ही सीधी चाल चलेंगे. इस दिन से जिसका सभी कार्य अधूरा पड़ा हुआ था, उनके सभी कार्य में तेजी आएगी. इसके साथ ही किस्मत भी साथ देगा. वर्तमान में ग्रहों की ज्योतिषीय आकलन की जाए तो कई ग्रह अच्छी स्थिति में नहीं चल रहे हैं. देव गुरु बृहस्पति का वक्री चाल चलने के कारण स्थित पर नियंत्रण करना बड़ा मुश्किल हो गया था. दुनिया में उथल पुथल मची हुई थी. भयानक स्थित बन गया था. मिथुन राशि में गुरु का मार्गी होना यह संकेत दे रहा है, कि दैनिक जीवन में स्थिरता आएगी और कार्यक्षेत्र में सफलता मिलेगी. भौतिक सुख साधन की प्राप्ति होगी. देव गुरु के मार्गी होते ही कई राशि वालों को सीधे सकारात्मक प्रभाव दिखाई देगा और उनकी नकारात्मक ऊर्जा समाप्त होगी. मिथुन राशि में गुरु के मार्गी होने से सिर्फ राशि ही नहीं देश दुनिया पर इसका खास असर दिखाई देगा.
बृहस्पति कब होंगे मार्गी
11 मार्च 2026 समय सुबह 06 बजकर 20 मिनट पर देव गुरु अपनी चाल में बदलाव करेंगे और मिथुन राशि में मार्गी होंगे.
देव गुरु बृहस्पति के मार्गी होने से मेष से लेकर मीन राशि के लिए कैसा रहेगा.
मेष राशि
मेष राशि के नवम भाव तथा बारहवें भाव के स्वामी ग्रह देव गुरु हैं. वर्तमान में गुरु तीसरे भाव में मार्गी होंगे. गुरु के प्रभाव से भौतिक सुख सुविधा का लाभ प्राप्त होगा. इसके साथ ही धर्म तथा अध्यात्मिक क्षेत्र में उन्नति होगी. व्यापार और कार्य क्षेत्र में उन्नति होगी, लेकिन कार्य का दबाव बढ़ेगा. परिवारिक जीवन में मतभेद तथा कलह होगी. इस दौरान स्वास्थ्य ठीक नहीं रहेगा.
वृषभ राशि
वृषभ राशि वालों के लिए देवगुरु बृहस्पति आठवें तथा एकादश भाव के स्वामी है. अब देव गुरु आपकी राशि के दूसरे भाव में मार्गी चाल से चलेंगे, जिससे परिवार के सदस्यों के साथ बेवजह का बहस होगी. वाणी का प्रभाव मजबूत नहीं रहेगा. कार्य क्षेत्र में मेहनत खूब करेंगे, लेकिन परिणाम ठीक ठाक नहीं मिलेगा. वित्तीय स्थित ठीक नहीं रहेगा, लेकिन आपका वैवाहिक जीवन खुशनुमा रहेगा.
मिथुन राशि
मिथुन राशि वाले को देवगुरु बृहस्पति सातवे तथा दशम भाव के स्वामी है. आपकी राशि के पहले भाव में देव गुरु मार्गी हो रहे है. सामाजिक प्रभाव में कमी के कारण मन चिंतित रहेगा. करियर के लिए अनुकूल नहीं रहेगा. नए नौकरी की प्लान बन सकती है. प्रेम सम्बन्ध मजबूत बनेगा. व्यापार में कोई खास लाभ नहीं होगा. खर्च पर नियंत्रण करें. पारिवारिक जीवन में अहम की भावना बढ़ जाएगी, जिसे छोटे -छोटे बात पर विवाद होगा.
कर्क राशि
कर्क राशि के छठे भाव तथा नवम भाव के स्वामी देवगुरु बृहस्पति हैं. देवगुरु बृहस्पति आपके द्वादश भाव में वक्री होंगे, जिम्मेदारी बढे़गी. आय में कमी तथा खर्च में वृद्धि होगी. कार्य क्षेत्र अनुकूल चलेगा, लेकिन बॉस का दबाव बनेगा. रिसर्च से जुड़े कार्य कर कर रहे हैं, उसमे सफलता प्राप्त होगी. नए नए आइडिया आयेगे, लेकिन लापरवाही से दूर रहे.
सिंह राशि
सिंह राशि के पांचवे तथा आठवें भाव के स्वामी देव गुरु है. आपकी राशि के ग्यारहवें भाव में गुरु मार्गी होंगे, जिसे परिणाम मिला जुला रहेगा. करियर में उन्नति होगी. मानसिक स्थित मजबूत बनेगा. लंबे समय से रुके हुए कार्य में तेजी आएगी. इसके साथ ही कार्य में सफलता मिलेगी. व्यापार से जुड़े लोगों को धन का अच्छा लाभ होगा. आर्थिक स्थित मजबूत बनेगी. परिवारिक जीवन सुखमय रहेगा.
कन्या राशि
कन्या राशि के चौथे और सातवे भाव के स्वामी देव गुरु है. देव गुरु बृहस्पति दशम भाव में मार्गी होंगे, जिससे करियर में उन्नति होगा. मानसिक स्थिति मजबूत बनेगी. व्यापार में अच्छी मुनाफा देखने को मिलेगा. कम मेहनत में ज्यादा लाभ होगा, लेकिन कार्य में लापरवाही नहीं करें. नए नौकरी की प्लान किए है, तो सफलता प्राप्त होगा. आय के स्त्रोत मजबूत बनेगा, इसके साथ ही प्रेम सम्बन्ध मजबूत बनेगा.
तुला राशि
तुला राशि के छठे भाव तथा तीसरे भाव के स्वामी देव गुरु हैं. आपकी राशि के नवम भाव में देवगुरु बृहस्पति मार्गी होंगे, जिसे कार्य क्षेत्र में अच्छा लाभ मिलेगा. परिवार के साथ धार्मिक यात्रा का प्लान बनेगा. नए नए स्थान पर घूमने का प्लान होगा. वैवाहिक जीवन में परेशानी चल रही थी, वह दूर होगा. कोर्ट कचहरी तथा मुकदमा तक स्थिति बन गई है. संवाद से रिश्ता में ताजगी आएगी. नौकरी में पदोन्नति हो सकता है.
वृश्चिक राशि
वृश्चिक राशि के पंचम भाव तथा दूसरे भाव के स्वामी देव गुरु बृहस्पति है. देवगुरु बृहस्पति आठवें भाव में मार्गी हो रहे है, जिसे कई तरह से परेशानी बढ़ जाएगी. समाज में प्रभाव की कमी महसूस करेंगे. करियर में उन्नति होगा, लेकिन किसी तरह के जल्दबाजी से दूर रहना पड़ेगा. छोटे छोटे बात पर अधिकारी के साथ विवाद बढ़ जाएगी. नए परियोजना पर कार्य करने का प्लान किए है, उसे सोंचसमझ करें नहीं तो नुकसान झेलना होगा.
धनु राशि
धनु राशि के पहला तथा चौथे भाव के स्वामी देव गुरु हैं. आपकी राशि के सातवें भाव में बृहस्पति मार्गी होंगे, जिससे सामाजिक कार्य में रूचि बढे़गी और धार्मिक कार्य से लाभ होगा. करियर में उन्नति होगी. भौतिक सुख सुविधा का लाभ होगा. परिवार के सभी सदस्य आपके बात को अहमियत देंगे. पत्नी के स्वास्थ्य ठीक नहीं रहेगा. पेट सम्बंधित परेशानी बनेगी.
मकर राशि
मकर राशि के तीसरे और बारहवें भाव के स्वामी ग्रह देव गुरु है. देवगुरु बृहस्पति आपकी राशि के छठे भाव में मार्गी हो रहे है, जिसे करियर में उन्नति होगी. जो भी लोग प्रतियोगिता परीक्षा की तैयारी कर रहे है, उन्हें सफलता मिलेगी. नौकरी में उन्नति होगी. आपके कार्य के प्रभाव से अधिकारी प्रसन्न रहेगे. व्यापारी वर्ग के लिए अनुकूल रहने वाला है. धन का अच्छा लाभ मिलेगा. मानसिक स्थिति मजबूत बनेगी. वैवाहिक जीवन में प्रसन्न रहेंगे. विदेश यात्रा का प्लान बन सकता है.
कुम्भ राशि
कुम्भ राशि के दूसरे और एकादश भाव के स्वामी ग्रह देव गुरु हैं. आपकी राशि के पंचम भाव में बृहस्पति मार्गी हो रहे है, जिसे कई तरह से आपको लाभ मिलेगा. नए नौकरी की प्लान किए है, उसमे सफलता मिलेगी. आंतरिक शक्ति में वृद्धि होगी. परिवार से सहयोग मिलेगा. बैकिंग तथा शेयर बाजार से जुड़े कार्य कर रहे है अच्छा मुनाफा होगी. व्यापार में लाभ होगा. प्रेम सम्बन्ध से थोड़ी नाखुश रहेंगे.
मीन राशि
मीन राशि के पहले तथा द्वादश भाव के स्वामी देवगुरु बृहस्पति हैं. देव गुरु आपकी राशि के चौथे भाव में मार्गी हो रहे है, जिससे अधूरे पड़े कार्य पूरे होंगे. जीवन में सुख सुविधा का लाभ मिलेगा. नए परियोजना पर कार्य करने का प्लान बनेगा. लम्बी यात्रा का प्लान बनेगा. आर्थिक स्थिति मजबूत होगी. पारिवारिक जीवन मिला जुला रहेगा. भूमि भवन की खरीदारी का प्लान बनेगा. मकान निर्माण का कार्य आरंभ हो सकता है.
देवगुरु बृहस्पति किस राशि का स्वामित्व करते है?
धनु और मीन राशि का
बृहस्पति के मार्गी चाल से चलना क्यों जरुरी है?
ज्योतिषशास्त्र के अनुसार जब देव गुरु बृहस्पति वक्री चल से चलते है, तो दैनिक जीवन में परेशानी बढ़ जाती है. इस अवधि में उर्जा की कमी महसूस होता है. कार्य ठीक तरीके से नहीं चलता है. नए परियोजना पर कार्य आरम्भ होगा, लेकिन वह कार्य अधूरा में ही बंद हो जाता है. दैनिक जीवन में भ्रम की स्थिति बन जाती है. कार्य का परिणाम अनुकूल नहीं मिलता है, जिससे मानसिक स्थिति ठीक नहीं रहता है. देव गुरु की वक्री चाल से चलना देश दुनिया पर इसका खास असर पड़ता है, जैसे प्राकृतिक आपदा, युद्ध तथा दुर्घटना में वृद्धि होती है. राजनितिक क्षेत्र में इसका खास असर देखने को मिलता है. सता का परिवर्तन होता है, जब बृहस्पति मार्गी चाल से चलते है, तो वायुमंडल में इसका खास बदलाव दिखाई देता है. मौसम में आकस्मिक बदलाव दिखाई देगा. नए नए परियोजना पर कार्य आरम्भ होंगे. गुरु के मार्गी का प्रभाव खासकर शिक्षा के क्षेत्र में विशेष बदलाव लाता है.
बृहस्पति के मार्गी चाल से Gen-Z के लिए कैसा रहेगा?
नया पीढ़ी के युवा शिक्षा के क्षेत्र में उन्नति करेंगे. विशेषकर उच्च शिक्षा को लेकर काफी उत्सुकता होंगे. गुरु के मार्गी चाल युवा को करियर और बेहतर बनाने का रास्ते खोलने का प्रयत्न करेंगे. बृहस्पति का मार्गी होने के प्रभाव अगले महीने में होने वाले परीक्षा के परिणाम में पर खास असर पड़ेगा. विद्यार्थियों का रिजल्ट अच्छा मिलेगा, जिसे काफी उत्साहित रहेंगे. वर्तमान में बृहस्पति मिथुन राशि में है. मिथुन राशि के स्वामी बुध है, बुध संचार तथा बौधिक क्षमता को मजबूत करते है. तर्क शक्ति को बढ़ाते हैं, इसके साथ ही सुदृढ़ भी करते हैं. इसका परिणाम इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी, डिजिटल कार्य, रिसर्च से जुड़े तथा पत्रकारिता के क्षेत्र को मजबूत करेंगे
ज्योतिषाचार्य संजीत कुमार मिश्रा
ज्योतिष वास्तु एवं रत्न विशेषज्ञ
8080426594/9545290847
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