Dhan Yog in Kundli: कुंडली में कैसे बनता है धन योग? जानिए आपके जीवन पर इसका प्रभाव

Dhan Yog in Kundli: ज्योतिष शास्त्र में कुंडली के दूसरे घर को वित्त का घर माना जाता है. वहीं, ग्यारहवें घर को लाभ का घर माना जाता है. इन दोनों घरों के संबंध से ही धन योग बनता है.

Dhan Yog in Kundli: ज्योतिष शास्त्र में कुंडली के दूसरे घर को वित्त का घर माना जाता है. वहीं, ग्यारहवें घर को लाभ का घर माना जाता है. इन दोनों घरों के संबंध से ही धन योग बनता है.

कुंडली में धन योग बनने के लिए निम्नलिखित स्थितियां होनी चाहिए:

  • लग्न कुंडली में द्वितीय, पंचम, नवम और एकादश भाव में कोई भी ग्रह हो तो यह धन योग बनाता है.

  • कुंडली में द्वितीय भाव का स्वामी एकादश भाव में और एकादश भाव का स्वामी द्वितीय भाव में हो तो धन योग बनता है.

  • कुंडली में गुरु और शुक्र जैसे ग्रहों की युति भी धन लाभ में बड़ी भूमिका अदा करते हैं. इसलिए कुंडली में इन दो ग्रहों की स्थितियां बहुत ही प्रभावशाली मानी जाती है.

कुंडली में धन योग के प्रभाव

कुंडली में धन योग होने से जातक को धन की प्राप्ति होती है. यह धन किसी भी रूप में हो सकता है, जैसे कि नौकरी, व्यवसाय, शेयर बाजार, लॉटरी, आदि. धन योग होने से जातक का जीवन सुखमय और ऐश्वर्यपूर्ण होता है.

कुंडली में धन योग के उपाय

यदि आपकी कुंडली में धन योग है, तो आप निम्नलिखित उपायों को करके धन लाभ को और अधिक बढ़ा सकते हैं:

  • भगवान विष्णु की पूजा करें.

  • तिल का दान करें.

  • काले तिल का दान करें.

  • तिल के लड्डू बनाकर प्रसाद वितरित करें.

  • इन उपायों को करने से आपके जीवन में धन की प्राप्ति और भी अधिक होगी.

ज्योतिषाचार्य संजीत कुमार मिश्र

ज्योतिष वास्तु एवं रत्न विशेषज्ञ

8080426594/9545290847

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लेखक के बारे में

By Shaurya Punj

मैंने डिजिटल मीडिया में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव हासिल किया है. पिछले 6 वर्षों से मैं विशेष रूप से धर्म और ज्योतिष विषयों पर सक्रिय रूप से लेखन कर रहा हूं. ये मेरे प्रमुख विषय हैं और इन्हीं पर किया गया काम मेरी पहचान बन चुका है. हस्तरेखा शास्त्र, राशियों के स्वभाव और उनके गुणों से जुड़ी सामग्री तैयार करने में मेरी निरंतर भागीदारी रही है. रांची के सेंट जेवियर्स कॉलेज से मास कम्युनिकेशन में स्नातक की डिग्री प्राप्त करने के बाद. इसके साथ साथ कंटेंट राइटिंग और मीडिया से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों में काम करते हुए मेरी मजबूत पकड़ बनी. इसके अलावा, एंटरटेनमेंट, लाइफस्टाइल और शिक्षा जैसे विषयों पर भी मैंने गहराई से लेखन किया है, जिससे मेरी लेखन शैली संतुलित, भरोसेमंद और पाठक-केंद्रित बनी है.

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