Budh Ast Effect Rashi May 2026 Astrology Prediction: 29 अप्रैल 2026 को बुध देव मीन राशि से निकलकर मेष में प्रवेश करेंगे, जहां वे सूर्य के साथ मिलकर ‘बुधादित्य राजयोग’ का निर्माण करेंगे. यह योग मिथुन और सिंह जैसी राशियों के लिए सफलता के द्वार खोलेगा, लेकिन यह शुभ प्रभाव अल्पकालिक है. 1 मई 2026 की रात में बुध ग्रह मेष राशि में ही ‘अस्त’ हो जाएंगे, जिससे उनकी शुभता और प्रभाव शक्ति कम हो जाएगी. 12 मई को ऊर्जा के कारक मंगल ग्रह भी मेष राशि में कदम रखेंगे, जहां पहले से सूर्य और अस्त बुध विराजमान होंगे.
Budh Ast: त्रिग्रही योग और अस्त बुध
अग्नि तत्व की राशि में यह त्रिग्रही योग और बुध का अस्त होना बुद्धि को भ्रमित, वाणी को कठोर और व्यापारिक निर्णयों को अस्थिर कर सकता है. संचार के कारक बुध के कमजोर पड़ने से तकनीकी समस्याएं और अनुबंधों में गलतफहमियां बढ़ेगी. इस गोचर काल में जल्दबाजी में लिया गया कोई भी निवेश या फैसला भारी पड़ सकता है, इसलिए यह समय आत्म-नियंत्रण, धैर्यपूर्ण संवाद और अत्यंत सावधानी से कदम आगे बढ़ाने का है.
मेष राशि
बुध आपकी ही राशि यानी प्रथम भाव में अस्त हो रहे हैं. लग्न में सूर्य, मंगल और अस्त बुध की उपस्थिति से आपके आत्मविश्वास में वृद्धि तो होगी, लेकिन निर्णय लेने में भ्रम की स्थिति बनी रहेगी. आपकी राशि में स्थित मंगल के कारण आपके स्वभाव में उग्रता रहेगी. व्यापार में कोई भी बड़ा निवेश फिलहाल टाल दें, क्योंकि बुध का अस्त होना आपकी बुद्धि को भ्रमित करेगा. वाणी में कड़वाहट आएगी, जिससे बने बनाए काम बिगड़ सकते हैं. साझेदारी के कामों में पारदर्शिता रखें और वाहन सावधानी से चलाएं.
वृषभ राशि
बुध आपकी राशि के बारहवें भाव (व्यय भाव) में अस्त हो रहे हैं. सूर्य और अस्त बुध की यह स्थिति अस्पताल या कानूनी मामलों में खर्च बढ़ा सकती है. मंगल के इसी भाव में आने से अनिद्रा और मानसिक तनाव बढ़ेगा. करियर के लिहाज से विदेश से जुड़े कार्यों में बाधा आ सकती है. आपकी संवाद शैली कमजोर होगी, जिससे कार्यस्थल पर गलतफहमियां पैदा होंगी. निवेश के मामलों में बहुत सावधानी बरतें, धन हानि के संकेत हैं. अपनी सेहत का खास ख्याल रखें, विशेषकर आंखों और पैरों की तकलीफ बढ़ेगी.
मिथुन राशि
आपकी राशि के स्वामी बुध ग्रह ग्यारहवें भाव (लाभ भाव) में अस्त हो रहे हैं. सूर्य के साथ बुधादित्य योग का फल बुध के अस्त होने से कम हो जाएगा. आय के स्रोतों में अचानक रुकावट आएगी. मंगल के गोचर से बड़े भाई-बहनों के साथ विवाद की स्थिति बनेगी. बिजनेस में जो लाभ आपको मिलने वाला था, उसमें देरी हो सकती है. सट्टा या शेयर बाजार से जुड़े लोगों को भारी हानि हो सकती है. वाणी दोष के कारण मित्रों से संबंध बिगड़ सकते हैं, इसलिए सोच-समझकर बोलें.
कर्क राशि
बुध ग्रह आपकी राशि के दसवें भाव (कर्म भाव) में अस्त हो रहे हैं. सूर्य-मंगल और बुध की युति कार्यक्षेत्र में आपको अधिकार तो देगी, लेकिन बुध के प्रभावहीन होने से आपको अपनी योग्यता साबित करने में कठिनाई होगी. मंगल के गोचर के बाद काम का बोझ बढ़ेगा. करियर में जल्दबाजी में लिया गया फैसला नौकरी के लिए खतरा पैदा कर सकता है. अधिकारियों से बहस न करें. व्यापारिक निर्णयों में वरिष्ठों की सलाह अवश्य लें. अपनी योजनाओं को सार्वजनिक करने से बचें, अन्यथा प्रतिस्पर्धी लाभ उठा सकते हैं.
सिंह राशि
बुध ग्रह आपकी राशि के नौवें भाव (भाग्य भाव) में अस्त हो रहे हैं. आपकी राशि स्वामी सूर्य के साथ भाग्य स्थान पर बुध का अस्त होना धार्मिक कार्यों में अरुचि पैदा करेगा. मंगल ग्रह के नवम भाव में आने से पिता के साथ वैचारिक मतभेद गहरे होंगे. आर्थिक दृष्टि से यह समय प्रतीक्षा करने का है. लंबी दूरी की यात्राएं कष्टकारी हो सकती हैं. उच्च शिक्षा से जुड़े विद्यार्थियों को एकाग्रता की कमी महसूस होगी. भाग्य के भरोसे रहने के बजाय कर्म पर विश्वास करें. कोई भी नया प्रोजेक्ट आज शुरू न करें.
कन्या राशि
आपकी राशि के स्वामी बुध ग्रह आठवें भाव (आयु व संकट भाव) में अस्त हो रहे हैं. राशि स्वामी का अष्टम में अस्त होना स्वास्थ्य के लिए ठीक नहीं है. सूर्य और बुध की युति अचानक धन हानि या गुप्त चिंताओं को जन्म देगी. मंगल के अष्टम में आने से दुर्घटना के योग बनेंगे, सावधान रहें. व्यापार में किसी भी अनजान व्यक्ति पर भरोसा न करें. शोध या गूढ़ विद्याओं से जुड़े लोगों के लिए समय अच्छा है, लेकिन व्यावसायिक दृष्टिकोण से यह ‘ठहराव’ का समय है. अपनी गुप्त बातें किसी से साझा न करें.
तुला राशि
बुध ग्रह आपकी राशि के सातवें भाव (विवाह व साझेदारी भाव) में अस्त हो रहे हैं. सूर्य के साथ बुध की उपस्थिति दांपत्य जीवन में तनाव देगी. मंगल के इसी भाव में आने से पार्टनर के साथ उग्र बहस हो सकती है. बिजनेस पार्टनरशिप में पारदर्शिता की कमी के कारण विवाद बढ़ेगा. व्यापारिक समझौतों पर हस्ताक्षर करने से पहले कानूनी सलाह जरूर लें. बुध के प्रभावहीन होने से आपकी बातचीत का तरीका दूसरों को चुभ सकता है. शांति बनाए रखें और साझेदारी के नए प्रस्तावों पर अभी विचार न करें.
वृश्चिक राशि
बुध ग्रह आपकी राशि के छठे भाव (रोग, ऋण, शत्रु भाव) में अस्त हो रहे हैं. सूर्य और बुध की युति शत्रुओं को परास्त करने में मदद तो करेगी, लेकिन बुध के अस्त होने से त्वचा संबंधी रोग या एलर्जी परेशान कर सकती है. आपकी राशि स्वामी मंगल भी छठे भाव में आएंगे, जो कोर्ट-कचहरी के मामलों में विजय दिला सकते हैं. हालांकि, करियर में सहकर्मियों के साथ तालमेल बिठाना चुनौतीपूर्ण होगा. कर्ज लेने या देने से बचें. व्यापार में उधार की वसूली रुक सकती है. धैर्य से काम लें और विवादों से दूर रहें.
धनु राशि
बुध ग्रह आपकी राशि के पांचवें भाव (संतान व शिक्षा भाव) में अस्त हो रहे हैं. सूर्य और बुध की युति प्रेम संबंधों में गलतफहमियां पैदा करेगी. मंगल के पंचम भाव में आने से निर्णय लेने में बहुत जल्दबाजी दिखाएंगे, जो हानिकारक होगी. व्यापार में सट्टा या रिस्क लेने से बचें. विद्यार्थियों के लिए यह समय कठिन है, बुध के प्रभावहीन होने से याददाश्त और तर्कशक्ति कमजोर पड़ सकती है. संतान पक्ष को लेकर चिंता रह सकती है. प्रेम जीवन में वाणी की कड़वाहट दूरियां पैदा कर सकती है, मधुरता बनाए रखें.
मकर राशि
बुध ग्रह आपकी राशि के चौथे भाव (सुख व माता भाव) में अस्त हो रहे हैं. सूर्य और बुध की युति संपत्ति के मामलों में उलझन पैदा करेगी. मंगल के चतुर्थ भाव में आने से घर का वातावरण अशांत हो सकता है. करियर में स्थिरता की कमी महसूस होगी. व्यापारिक स्थल पर मशीनरी या फर्नीचर में खराबी के कारण खर्च बढ़ सकता है. माता के स्वास्थ्य का ध्यान रखें. बुध के अस्त होने से सुख-सुविधाओं में कमी का अहसास होगा. जमीन-जायदाद के कागजातों को संभाल कर रखें और पारिवारिक चर्चाओं में मौन रहना ही श्रेयस्कर होगा.
कुंभ राशि
बुध ग्रह आपकी राशि के तीसरे भाव (पराक्रम व संचार भाव) में अस्त हो रहे हैं. सूर्य और बुध की युति आपके साहस में वृद्धि करेगी, लेकिन बुध के अस्त होने से संचार के साधनों में परेशानी आ सकती है. आपकी राशि के तृतीय भाव में मंगल के आने से भाई-बहनों से विवाद बढ़ेगा. बिजनेस मार्केटिंग से जुड़े लोगों को कड़ी मेहनत करनी होगी, क्योंकि आपकी बात लोगों को समझ नहीं आएगी. छोटी यात्राएं निष्फल रहेगी. अपने पड़ोसियों और सहकर्मियों के साथ संबंधों में मर्यादा बनाए रखें.
मीन राशि
बुध ग्रह आपकी राशि के दूसरे भाव (धन व वाणी भाव) में अस्त हो रहे हैं. सूर्य और अस्त बुध की युति संचित धन खर्च करवा सकती है. आपकी राशि से निकलकर मेष राशि में मंगल का प्रवेश आपकी वाणी में बहुत उग्रता लाएगी. बुध के प्रभावहीन होने से व्यापार में गलत निवेश के कारण आर्थिक नुकसान होगा. परिवार के सदस्यों के साथ पैसों को लेकर अनबन हो सकती है, इस समय निवेश की योजना बनाना जोखिम भरा है. दांतों या गले की समस्या परेशान कर सकती है. बोलने से पहले दो बार सोचें, अन्यथा प्रतिष्ठा धूमिल हो सकती है.
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