Mithun Rashi: आज हम बात करेंगे कि मिथुन राशि वाले लोगों का स्वभाव कैसा होता है और उनकी खासियतें उन्हें दूसरों से अलग कैसे बनाती हैं. मिथुन राशि चक्र की तीसरी राशि मानी जाती है, जिसका प्रतीक युवा दंपति है और यह द्वि-स्वभाव वाली होती है. इस राशि के जातक बुद्धिमान, जिज्ञासु और चतुर होते हैं, जो हर चीज को गहराई से समझने की कोशिश करते हैं. इनके अंदर संवाद कौशल और नई चीजें सीखने की अद्भुत क्षमता होती है. हालांकि, कभी-कभी ये अपने ही विचारों में उलझ जाते हैं, लेकिन अपनी सूझबूझ से हर परिस्थिति को संभालने में सक्षम होते हैं.
- मिथुन- का, की, कू, घ, ङ, छ, के, को, ह
- राशि स्वरूप- स्त्री-पुरुष गले लगना
- राशि स्वामी- बुध ग्रह
जानिए मिथुन राशि वाले लोगों की खासियत
1- मिथुन राशि चक्र की तीसरी राशि है. इस राशि का प्रतीक युवा दम्पति है, यह द्वि-स्वभाव वाली राशि है.
2- मृगसिरा नक्षत्र के तीसरे चरण के मालिक मंगल और शुक्र हैं. मंगल शक्ति और शुक्र माया है.
3- मिथुन राशि वालों के अन्दर माया के प्रति भावना पाई जाती है, यह लोग जीवनसाथी के प्रति हमेशा शक्ति बन कर प्रस्तुत होते हैं. इनके जीवन में घरेलू कारणों के चलते कई बार आपस में तनाव रहता है.
4- मंगल और शुक्र की युति के कारण जातक में स्त्री रोगों को परखने की अद्भुत क्षमता होती है.
5- मिथुन राशि वाले लोग वाहनों की अच्छी जानकारी रखते हैं. नए-नए वाहनों और सुख के साधनों के प्रति अत्यधिक आकर्षण होते हैं.
6- मंगल ग्रह के कारण ये लोग वचनों का पक्का बन जाते हैं.
7- गुरु आसमान का राजा है तो राहु गुरु का शिष्य, दोनों मिलकर जातक में ईश्वरीय ताकतों को बढ़ाते हैं.
8- मिथुन राशि के लोगों में ब्रह्माण्ड के बारे में पता करने की योग्यता जन्मजात होती है. वह वायुयान और सेटेलाइट के बारे में ज्ञान बढ़ाता है.
9- राहु-शनि के साथ मिलने से जातक के अन्दर शिक्षा और शक्ति उत्पादित होती है. जातक का कार्य शिक्षा स्थानों में या बिजली, पेट्रोल या वाहन वाले कामों की ओर होता है.
10- मिथुन राशि वाले लोग एक दायरे में रह कर ही कार्य करते है, इनके अंदर एक मर्यादा होती है जो उसे धर्म में लीन करती है.
11- गुरु जो ज्ञान का मालिक है, उसे मंगल का साथ मिलने पर उच्च पदासीन करने के लिए और रक्षा आदि विभागों की ओर ले जाता है.
12- इस राशि के लोग अपने ही विचारों से उलझते हैं. मिथुन राशि पश्चिम दिशा की द्योतक है, जो चन्द्रमा की निर्णय समय में जन्म लेते हैं, वे मिथुन राशि के कहे जाते हैं.
13- बुध की धातु पारा है और इसका स्वभाव जरा सी गर्मी-सर्दी में ऊपर नीचे होने वाला है, इन लोगों में दूसरे की मन की बातें पढ़ने, दूरदृष्टि, बहुमुखी प्रतिभा, अधिक चतुराई से कार्य करने की क्षमता होती है.
14- इन लोगों को बुद्धि वाले कामों में ही सफलता मिलती है. अपने आप पैदा होने वाली मति और वाणी की चतुरता से इस राशि के लोग कुशल कूटनीतिज्ञ और राजनीतिज्ञ भी बन जाते हैं.
15- हर कार्य में जिज्ञासा और खोजी दिमाग होने के कारण इस राशि के लोग अन्वेषण में भी सफलता लेते रहते हैं और पत्रकार, लेखक, मीडियाकर्मी, भाषाओं की जानकारी, योजनाकार भी बन सकते हैं.
