Astrological Events August 2023: अगस्त माह में होने वाली हैं ये सारी खगोलीय घटनाएं, जानें क्या असर

Astrological Events August 2023: कुछ खगोलीय घटनाएं इस माह यानी अगस्त 2023 में घटित होने वाले हैं आइये जानते है इसके बारे में ये घटनाएं क्या है और ये किस तारीख को घटित होंगी.

Astrological Events August 2023: हम सभी जानते हैं की सारे गृह सूर्य की परिक्रमा करते हैं और इसके प्रभाव हमें हर वर्ष देखने को मिलते हैं.उदाहरण कर तौर पर सूर्य ग्रहण और चंद्र ग्रहण परंतु कई सालों में एक बार होने वाले घटनाएं भी इसमें शामिल होते हैं जो की बहुत ही मुश्किल से हमें नजर आते हैं जिसमें से कुछ खगोलीय घटनाएं इस माह यानी अगस्त 2023 में घटित होने वाले हैं आइये जानते है इसके बारे में ये घटनाएं क्या है और ये किस तारीख को घटित होंगी.

1. उल्का पिंड का प्रभाव

हम सभी जानते हैं की शौर मंडल में कई सारे बड़े और छोटे उल्का पिंड शून्य गरुत्वाकर्षण के कारण घूमते रहते हैं.कई दफा ये खबर भी आती है कि वो पृथ्वी के काफी करीब से गुजरने वाले हैं या पृथ्वी से टकराने वाले हैं तथा कई उल्का पिंड पृथ्वी पर गिरते भी है जो की छोटे होने के कारण हमें तारे के समान नजर आते हैं. हमें ऐसा महसूस होता है कि ये टूटा तारा है परंतु ये छोटे उल्का पिंड होते हैं.

इस वर्ष 12 अगस्त 2023 के मध्य रात्री और 13 अगस्त के सुरुवाती घंटों में कई रेत के दानों और कंकड़ के समान आकार के उल्कापिंड 60 किमी प्रति सेकंड की गति से पृथ्वी के वायुमंडल से टकराएंगे.जिससे प्रकाश की सुंदर धारियां उत्पन्न होगी,जिन्हें अक्सर “टूटते तारे” कहा जाता है.

2. शून्य छाया दिवस

आपको जान कर हैरानी होगी की आपकी छाया धरती पर नही बनेगी.खगोलिए घटनावों के कारण ऐसा संभव है.आपको बतला दें कि 18 अगस्त को एक बहुत हीं दुर्लभ घटना घटित होने वाली है.इस दिन शून्य छाया दिवस है इस दिन सूर्य पृथ्वी के ठीक ऊपर आ जाएगी कुछ देर के लिए आपकी और आपके समक्ष रखी किसी भी वस्तु की छाया धरती पर नहीं बनेगी ये घटनाए बहुत ही विचित्र होगी जो कई सालों में एक बार देखने कों मिलता है.

3.पृथ्वी के काफी करीब होगा शनि

सालों में एक दफा होने वाली खगोलीय घटना में एक से एक घटना ये भी है जिसको जान के आपको हैरानी होगी की आप अपनी खुली आंखों से शनि को देख पाएंगे.ये घाटना कई वर्षों में एक बार होने वाली घटनावों में से एक है. 27 अगस्त 2023 को सूर्य के ठीक विपरीत मे आने के कारण शनि गृह पृथ्वी के काफी करीब आ जाएगा जिसके कारण हम अपनी खुली आंखों से उसे देख पाएंगे.हमें शनि के करीब मौजूद उसके छले भी नजर आएंगे.यह छल्ले शनि की भूमध्य रेखा से 7000 किमी की ऊंचाई पर शुरू होते हैं और 80000 किमी की दूरी तक रहते हैं.

4.सुपर ब्लू मून

सुपर ब्लू मून, महीने की पूर्णिमा यानि की 30 अगस्त, 2023 को रात 9.36 बजे से 31 अगस्त 2023 की सुबह 7.06 बजे पर चरम पर होगी.यह देखने में एक असाधारण दृश्य होगा, इसलिए इस दुर्लभ खगोलीय घटना को देखने से चूकने के लिए अपने कैलेंडर पर निशान लगा लें.सुपर ब्लू मून दो उल्लेखनीय घटनाओं- ब्लू मून और सुपरमून का संयोजन है.ब्लू मून पहलू एक कैलेंडर माह में दूसरे पूर्ण चंद्रमा के रूप में इसकी घटना को संदर्भित करता है, जबकि सुपरमून विशेषता का अर्थ है कि चंद्रमा अपनी कक्षा में पृथ्वी से निकटता के कारण बड़ा और चमकीला दिखाई देता है.सुपर ब्लू मून की भव्यता का आनंद लेने के लिए, न्यूनतम प्रकाश प्रदूषण वाले क्षेत्रों में जाएं, जैसे कि दूरदराज के ग्रामीण इलाके या ऊंचे सुविधाजनक स्थान.

इन सारी खगोलीय घटनाओं से अपने आप को वंचित ना रखने के लिए इन सारी तारिखों को याद रख लें ताकि आपको ध्यान रहें और आप ये सारी हो रही खगोलीय घटनाओं का देख पाएं.

साल 2023 का दूसरा सूर्य ग्रहण

दूसरा सूर्य ग्रहण 14 अक्टूबर 2023 को होगा और इसका प्रभाव कर्क, तुला, मकर और मेष राशियों पर पड़ेगा. पहले सूर्य ग्रहण की तरह इस सूर्य ग्रहण में भी सूतक (solar eclipse sutak time) काल लागू रहेगा क्योंकि यह भारत से दिखाई देगा.

कब लगता है सूर्य ग्रहण?

जब चंद्रमा पृथ्वी और सूर्य के बीच आता है, तब सूर्य ग्रहण लगता है. वहीं चंद्रमा के बीच में आने से सूर्य की दृष्टि पूरी तरह या आंशिक रूप से अवरुद्ध हो होती है. इससे सूर्य छिप जाता है. सूर्य ग्रहण धर्म-ज्‍योतिष ही नहीं बल्कि महत्‍वपूर्ण खगोलीय घटना है.

साल 2023 में चंद्र ग्रहण कब लगेगा

इस साल कुल 4 ग्रहण माने जा रहे हैं जिसमें से 2 चंद्र ग्रहण (lunar eclipse) लगेगा और 2 सूर्य ग्रहण होगा. इस साल पहला चंद्र ग्रहण 5 मई को लग चुका है. वहीं, दूसरा चंद्र ग्रहण 28 अक्टूबर को लगेगा.

चंद्र ग्रहण कब लगता है?

सूर्य के चारों ओर पृथ्वी घूमती है और चंद्रमा पृथ्वी का चक्कर लगाता है। इस प्रक्रिया में एक समय ऐसा आता है जब चंद्रमा पृथ्वी और सूर्य एक ही सीध में आ जाते हैं। इस दौरान सूर्य का प्रकाश पृथ्वी पर पड़ता है, लेकिन चंद्रमा तक नहीं पहुंच पाता है। इस घटना को खगोलीय घटना के रूप में चंद्र ग्रहण कहा जाता है।

सूर्य ग्रहण के वक्त बरतें सावधानी

सूर्य ग्रहण देखते समय, सुरक्षा सावधानी बरतना महत्वपूर्ण है क्योंकि वे आँखों को स्थायी रूप से नुकसान पहुंचा सकते हैं और अंधेपन का कारण बन सकते हैं. नासा 14-छायांकित वेल्डिंग ग्लास, ब्लैक पॉलीमर, या एल्युमिनाइज्ड माइलर जैसे उपयुक्त फिल्टर का उपयोग करने की सलाह देता है. एक अन्य विकल्प दूरबीन या टेलीस्कोप के माध्यम से सूर्य को देखने के लिए एक टेलीस्कोप का उपयोग करना है, जबकि चंद्र ग्रहण हो रहा है, या सूर्य की छवि को एक व्हाइटबोर्ड पर प्रोजेक्ट करना है.

सूर्य ग्रहण के दौरान क्या करें और क्या न करें

  • नेशनल एरोनॉटिक्स एंड स्पेस एडमिनिस्ट्रेशन (नासा) के मुताबिक, लोगों को सावधान रहना चाहिए और अपनी आंखों की सुरक्षा के लिए ‘एक्लिप्स ग्लासेस’ का इस्तेमाल करना चाहिए. लोगों को सीधे सूर्य की ओर न देखने की सलाह दी जाती है.

  • नासा लोगों को सलाह देता है कि वे घर में बने फिल्टर या पारंपरिक धूप के चश्मे का इस्तेमाल न करें वरना उनकी आंखें खराब हो सकती हैं.

  • यदि आप अपने कैमरे से ‘आग के छल्ले’ को पकड़ने के लिए उत्सुक हैं, तो नासा इसके खिलाफ सलाह देता है क्योंकि इससे चोट लग सकती है.

  • घटना को देखने के लिए निर्धारित चश्मे वाले लोग अपने दिन-प्रतिदिन के चश्मे के ऊपर अपना ग्रहण चश्मा पहन सकते हैं.

  • जो बच्चे ग्रहण देखना चाहते हैं वे माता-पिता की देखरेख में ऐसा कर सकते हैं.

  • लोगों को सलाह दी जाती है कि वे अपनी हेडलाइट्स चालू रखें और गति को नियंत्रण में रखें.

  • लोगों को अन्य वाहनों से भी अच्छी दूरी बनाए रखने की सलाह दी जाती है.

रिपोर्ट- वैभव विक्रम

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लेखक के बारे में

Author: Shaurya Punj

शौर्य पुंज डिजिटल मीडिया में पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर हैं. उन्हें न्यूज वर्ल्ड में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. शौर्य खबरों की नब्ज को समझकर उसे आसान और प्रभावी भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में माहिर हैं. साल 2008 में ग्रेजुएशन के दौरान उन्होंने दैनिक हिंदुस्तान, प्रभात खबर, दैनिक जागरण और तरंग भारती (हिंदी पाक्षिक समाचार पत्र) के लिए फ्रीलांसिंग की. वर्ष 2011 में उन्होंने दैनिक जागरण के टैब्लॉइड समाचार पत्र iNext में दो महीने की इंटर्नशिप की. इसी दौरान उन्हें प्रभात खबर के डिजिटल सेक्शन में काम करने का अवसर मिला. अप्रैल 2011 से उन्होंने प्रभातखबर.कॉम के एंटरटेनमेंट सेक्शन के लिए कार्य करना शुरू किया. उस समय उन्होंने बॉलीवुड फिल्म रिव्यू, बॉक्स ऑफिस बिजनेस और एंटरटेनमेंट गॉसिप जैसी खबरों पर काम किया. साल 2020 में कोरोना काल के दौरान उन्हें लाइफस्टाइल, धर्म-कर्म, एजुकेशन और हेल्थ जैसे नॉन-न्यूज सेक्शन में काम करने का अवसर मिला. उन्होंने लाइफस्टाइल कैटेगरी के कई महत्वपूर्ण सेक्शनों में योगदान दिया. Health & Fitness सेक्शन में डाइट, योग, वेट लॉस, मानसिक स्वास्थ्य और फिटनेस टिप्स से जुड़े उपयोगी कंटेंट पर कार्य किया. Beauty & Fashion सेक्शन में स्किन केयर, हेयर केयर, मेकअप और ट्रेंडिंग फैशन विषयों पर लेख तैयार किए. Relationship & Family कैटेगरी में पति-पत्नी संबंध, डेटिंग, पैरेंटिंग और दोस्ती जैसे विषयों पर जानकारीपूर्ण कंटेंट लिखा. Food & Recipes सेक्शन में हेल्दी फूड, रेसिपी और किचन टिप्स से संबंधित सामग्री विकसित की. Travel सेक्शन के लिए घूमने की जगहों, बजट ट्रिप और ट्रैवल टिप्स पर लेखन किया. Astrology / Vastu में राशिफल, वास्तु टिप्स और ज्योतिष आधारित कंटेंट पर काम किया. Career & Motivation सेक्शन में सेल्फ-इम्प्रूवमेंट, मोटिवेशन और पर्सनैलिटी डेवलपमेंट विषयों पर योगदान दिया. Festival & Culture सेक्शन में त्योहारों की परंपराएं, पूजा विधि और शुभ मुहूर्त से संबंधित कंटेंट पर कार्य किया. इसके अलावा Women Lifestyle / Men Lifestyle और Health Education & Wellness जैसे विषयों पर भी मर्यादित एवं जानकारीपूर्ण लेखन के माध्यम से योगदान दिया. साल 2023 से शौर्य ने पूरी तरह से प्रभातखबर.कॉम के धर्म-कर्म और राशिफल सेक्शन में अपना योगदान देना शुरू किया. इस दौरान उन्होंने दैनिक राशिफल, साप्ताहिक एवं मासिक भविष्यफल, पूजा-पाठ, व्रत-त्योहार, शुभ मुहूर्त, ज्योतिषीय उपाय, वास्तु टिप्स और धार्मिक मान्यताओं से जुड़ी खबरों पर विशेष फोकस किया. साथ ही पाठकों की रुचि को ध्यान में रखते हुए सरल, सहज और जानकारीपूर्ण धार्मिक कंटेंट तैयार करने पर लगातार कार्य किया. रांची में जन्मे शौर्य की प्रारंभिक शिक्षा डीएवी पब्लिक स्कूल, हेहल, रांची से हुई. इसके बाद उन्होंने सेंट जेवियर्स कॉलेज, रांची से मास कम्यूनिकेशन एण्ड वीडियो प्रोडक्शन में बी.ए. ऑनर्स की डिग्री प्राप्त की. यह शैक्षणिक पृष्ठभूमि उन्हें हिंदी पत्रकारिता की वह विशेषज्ञता प्रदान करती है, जो पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws और 1H — क्या, कौन, कहां, कब, क्यों और कैसे — के आधार पर प्रभावी और तथ्यपूर्ण समाचार लेखन के लिए आवश्यक मानी जाती है.

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