पंचांग 5 मार्च 2026: आज चैत्र कृष्णपक्ष की द्वितीया उपरांत तृतीया तिथि, जानें शुभ-अशुभ समय

Aaj Ka Panchang 5 March 2026: आज का पंचांग शुभ-अशुभ मुहूर्त, दिनभर के महत्वपूर्ण समय और ग्रह-नक्षत्रों की स्थिति की जानकारी देता है. यहां जानें सही तिथि, शुभ-अशुभ समय

Aaj Ka Panchang 05 March 2026: आज 05 मार्च 2026 दिन गुरुवार है. पंचांग के अनुसार चैत्र कृष्णपक्ष की द्वितीया तिथि संध्या 04 बजकर 28 मिनट तक रहेगी उपरांत तृतीया तिथि आरम्भ हो जाएगी. सूर्योदय कालीन ग्रहों की बात करें तो सूर्य के साथ मंगल, बुध, राहु कुम्भ राशि में विराजमान है. चंद्रमा कन्या राशि संचरण करेंगे. देव गुरु बृहस्पति मिथुन राशि में हैं. शनि और शुक्र मीन राशि में रहेगे हैं और केतु सिंह राशि में मौजूद रहेंगे.

आज का पंचांग 05 मार्च 2026 दिन गुरुवार

तिथि, वार व संवत

तिथि: चैत्र कृष्णपक्ष की द्वितीया तिथि संध्या 04 बजकर 28 मिनट तक रहेगी उपरांत तृतीया तिथि आरम्भ हो जाएगी.
वार: गुरुवार
विक्रम संवत: 2082
शक संवत: 1947
सूर्योदय: 06:08 AM
सूर्यास्त: 05:53 PM
अयन: उत्तरायण
ऋतु: वसंत

नक्षत्र, योग व करण

नक्षत्र: उत्तराफाल्गुनी (सुबह 07:42 AM तक), उसके बाद हस्त
योग: शुल (सुबह 07:36 AM तक), उसके बाद गंड
करण: गर उसके बाद वणिज

ग्रह स्थिति (सूर्योदय कालीन)

चंद्रमा: कन्या राशि
सूर्य, मंगल, बुध और राहू : कुंभ राशि
गुरु : मिथुन राशि
शनि, शुक्र : मीन राशि
केतु : सिंह राशि

दिन का चौघड़िया (पटना)

शुभ (उत्तम): 06:08 AM से 07:36 AM
रोग (अशुभ): 07:36 AM से 09:04 AM
उद्वेग (अशुभ): 09:04 AM से 10:32 AM
चर (सामान्य): 10:32 AM से 12:00 PM
लाभ (उन्नति): 12:00 PM से 01:28 PM
अमृत (सर्वोत्तम): 01:28 PM से 02:56 PM
काल (हानि): 02:56 PM से 04:24 PM
शुभ (उत्तम): 04:24 PM से 05:53 PM

शुभ समय (मुहूर्त)

अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 11:37 AM से 12:24 PM
ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 04:52 AM से 05:39 AM
विजय मुहूर्त: दोपहर 02:00 PM से 02:47 PM

अशुभ समय

राहुकाल: दोपहर 01:28 PM से 02:56 PM
यमगण्ड: सुबह 06:08 AM से 07:36 AM
गुलिक काल: सुबह 09:04 AM से 10:32 AM
दिशाशूल: दक्षिण दिशा (यदि यात्रा आवश्यक हो तो दही या जीरा खाकर निकलें)

आज का विशेष योग व उपाय

विशेष: आज यायीजय योग है प्रात: 7 बजकर 42 मिनट से शाम 4 बजे तक रहेगा . ज्योतिष में एक अत्यंत शुभ और कार्यों में विजय दिलाने वाला मुहूर्त माना जाता है. जब भी कोई महत्वपूर्ण काम, मुकदमा, या आवेदन प्रस्तुत करना हो, तो यह योग सर्वोत्तम माना जाता है. यह समय विशेष रूप से शत्रु पर विजय, नई शुरुआत, और कार्यों को पूर्ण करने के लिए शुभ होता है.
सरल उपाय: विष्णु सहस्रनाम का पाठ करें और केले के वृक्ष की पूजा करें. पीले चंदन का तिलक लगाना मानसिक शांति के लिए शुभ रहेगा.

ज्योतिषाचार्य चंद्रशेखर सहस्त्रबाहु:
ज्योतिष एवं हस्त रेखा विशेषज्ञ | 12 साल का अनुभव
Mo- +91 8620920581

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लेखक के बारे में

By Radheshyam Kushwaha

पत्रकारिता की क्षेत्र में 13 साल का अनुभव है. इस सफर की शुरुआत राज एक्सप्रेस न्यूज पेपर भोपाल से की. यहां से आगे बढ़ते हुए समय जगत, राजस्थान पत्रिका, हिंदुस्तान न्यूज पेपर के बाद वर्तमान में प्रभात खबर के डिजिटल विभाग में धर्म अध्यात्म एवं राशिफल डेस्क पर कार्यरत हैं. ज्योतिष शास्त्र, व्रत त्योहार, राशिफल के आलावा राजनीति, अपराध और पॉजिटिव खबरों को लिखने में रुचि हैं.

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