PHOTOS: पलामू में 3 धर्मों के लोगों ने मनाए अपने-अपने त्योहार, देखें ईद, सरहुल और गणगौर का उल्लास

झारखंड के पलामू जिले में एक दिन में 3-3 त्योहार हर्षोल्लास के साथ मनाए गए. मुस्लिमों ने ईद मनाई. आदिवासियों ने सरहुल और मारवाड़ियों ने गणगौर पूजा की.

पलामू, सैकत चटर्जी : पलामू जिले के मेदिनीनगर में गुरुवार (11 अप्रैल) को तीन-तीन उत्सव मनाए गए. मुस्लिम समुदाय ने ईद का त्योहार मनाया, तो आदिवासियों ने सरहुल पर्व. इन दोनों पर्वों के बीच मारवाड़ी समाज की सुहागिन महिलाओं एवं कुंवारी कन्या ने गणगौर पूजा में भाग लिया.

पलामू में मारवाड़ी समाज की महिलाओं ने की मां गणगौर की पूजा. सैकत चटर्जी.

मेदिनीनगर शहर के गणपति धर्मशाला में मारवाड़ी युवा मंच एवं प्रेरणा शाखा के तत्वावधान में गणगौर पूजा का आयोजन किया गया. विवाहित महिलाएं पति की लंबी उम्र के लिए गणगौर पूजा करतीं हैं, जबकि कुंवारी कन्याएं अच्छे वर की कामना के लिए यह व्रत रखतीं हैं.

पलामू की मस्जिदों और ईदगाहों में अदा की गई ईद की नमाज. सैकत चटर्जी.

डालटेनगंज शहर के जामा मस्जिद, छोटी मस्जिद, नूरी मस्जिद सहित कई मस्जिदों में ईद की नमाज पढ़ी गयी. इस दौरान सबसे अधिक भीड़ जामा मस्जिद में देखी गई.

ईद के दिन मस्जिदों में दिखी भीड़. सैकत चटर्जी.

मस्जिदों और ईदगाहों में बच्चे बेहद उत्साहित थे. मस्जिदों में नमाज खत्म होते ही बच्चे दौड़कर बाहर निकले और एक-दूसरे से गले मिले. ईद की मुबारकबाद दी.

ईदगाहों और मस्जिदों के बाहर लोगों ने एक-दूसरे को दी ईद की मुबारकबाद. सैकत चटर्जी.

बुजुर्गों ने युवा और बच्चों को गले लगाकर ईद की बधाई दी. बच्चों को ईदी भी दी. बड़ी मस्जिद में नमाज पढ़ने वालों की अच्छी-खासी भीड़ देखी गई.

Also Read : PHOTOS: झारखंड में धूमधाम से मनी ईद, एक-दूसरे से गले मिलकर दी मुबारकबाद

ईद की नमाज के बाद आकर्षण का केंद्र बना यह परिवार. सैकत चटर्जी.

बड़ी मस्जिद में एक परिवार एक ही रंग के परिधान में नजर आया. बुजुर्ग, युवा और बच्चों के परिधान का रंग एक ही था. यहां आने वाले सभी नमाजियों ने इस परिवार के साथ तस्वीर खिंचवाई.

ईद के दिन देखते ही बन रहा था बच्चों का उत्साह. सैकत चटर्जी.

सभी ईदगाहों में दिव्यांग नमाजियों के लिए विशेष व्यवस्था की गई थी. दिव्यांगों और बुजुर्गों के लिए कुर्सी का इंतजाम था. इन लोगों ने कुर्सियों पर बैठक नमाज अदा की.

आदिवासियों ने सरहुल का पर्व हर्षोल्लास के साथ मनाया. सैकत चटर्जी.

जीएलए कॉलेज स्थित अखड़ा में सरहुल हर्षोल्लास के साथ मनाया गया. पाहन ने रीति-रिवाज से पूजा करवाई. उपवास रखने वाले श्रद्धालुओं ने पूजा अनुष्ठान में भाग लिया.

Also Read : PHOTOS: सरहुल पर आदिवासी हॉस्टल में झारखंड के सीएम चंपाई सोरेन का दिखा अलग अंदाज, आप भी देखें

सरहुल के दौरान आकर्षण का केंद्र थीं ये युवतियां. सैकत चटर्जी.

आयोजन के दौरान पूजा समिति के पूर्व अध्यक्ष प्रो कैलाश उरांव ने सरहुल के महत्व पर प्रकाश डाला. पूजा के बाद लोग सरहुल गीत पर जमकर नाचे. विभ्भिन्न आदिवासी छात्रावास की लड़कियां नृत्य में शामिल हुईं.

सरहुल के दिन युवतियों के नृत्य ने सबका मन मोहा. सैकत चटर्जी.

सरहुल पूजा के दौरान पारंपरिक वेशभूषा में पहुंचीं महिलाएं आकर्षण का केंद्र थीं. जीएलए कॉलेज अखड़ा के अलावा चियांकी, चैनपुर में भी सरहुल का आयोजन किया गया. सरहुल का जुलूस शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरा.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >