नये औद्योगिक शहर

बुनियादी इंफ्रास्ट्रक्चर और अन्य व्यवस्थाएं होने से उद्योगों को आकर्षित करने में बड़ी मदद मिल सकती है. विश्व के अनेक देशों में इस तरह के शहरों का विकास हो रहा है. ऐसे स्मार्ट शहरों की एक बड़ी विशेषता यह होती है कि काम करने की जगह और कामगारों के आवास के बीच खास दूरी नहीं होती.

Industrial Cities : देश में औद्योगिक गतिविधियों में तेजी लाने और इंफ्रास्ट्रक्चर विकास को गति देने के प्रयासों के क्रम में केंद्र सरकार ने एक महत्वपूर्ण फैसला किया है. राष्ट्रीय औद्योगिक कॉरिडोर विकास कार्यक्रम के तहत 12 नये स्मार्ट औद्योगिक शहरों की स्थापना के प्रस्ताव को कैबिनेट ने मंजूरी दे दी है. इन शहरों के विकास पर 28, 500 करोड़ रुपये का निवेश किया जाना है. आशा है कि इस महत्वाकांक्षी परियोजना से लगभग 12 लाख प्रत्यक्ष और 20 लाख अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित होंगे. इन शहरों में उद्योग और उद्यम स्थापित करने लिए आवश्यक मूलभूत सुविधाओं का विकास किया जायेगा, ताकि निवेशक और कंपनियां तुरंत अपना काम शुरू कर सकें.

बुनियादी इंफ्रास्ट्रक्चर और अन्य व्यवस्थाएं होने से उद्योगों को आकर्षित करने में बड़ी मदद मिल सकती है. विश्व के अनेक देशों में इस तरह के शहरों का विकास हो रहा है. ऐसे स्मार्ट शहरों की एक बड़ी विशेषता यह होती है कि काम करने की जगह और कामगारों के आवास के बीच खास दूरी नहीं होती. इससे उनका प्रदर्शन भी अच्छा होता है और उनके जीवन की गुणवत्ता भी बेहतर होती है. परंपरागत शहरों का जिस बेतरतीब ढंग से विस्तार हुआ है, उससे वहां कई समस्याएं पैदा हुई हैं. प्रदूषण, यातायात में अवरोध, कार्यस्थल पर आने-जाने में समय की बर्बादी आदि ऐसी मुश्किलें हैं, जो शहरी जीवन को बड़ा नुकसान पहुंचा रही हैं. इनका असर लोगों के स्वास्थ्य और उनकी उत्पादक क्षमता पर भी होता है.

शहरों के आकार के कारण आधुनिक एवं भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप इंफ्रास्ट्रक्चर का विकास भी बेहद चुनौतीपूर्ण है. ऐसे में स्मार्ट औद्योगिक शहर अर्थव्यवस्था के विकास और लोगों के जीवन को नया आयाम दे सकते हैं. ये नये स्मार्ट औद्योगिक शहर उत्तराखंड, पंजाब, बिहार, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, राजस्थान, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और पश्चिम बंगाल में स्थापित होंगे. स्थानों का चयन इस दृष्टि से किया गया है कि अनेक राज्यों को इससे सीधे लाभ हो तथा राष्ट्रीय नेटवर्क से उनका निकट जुड़ाव हो. अर्थव्यवस्था की वृद्धि दर को उच्च स्तर पर बनाये रखने के साथ-साथ भारत वैश्विक आपूर्ति शृंखला में अपनी ठोस उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए प्रयासरत है. हमारे सामने रोजगार के अच्छे अवसर पैदा करते रहने की बड़ी चुनौती भी है. विकास की इस यात्रा में पर्यावरण संरक्षण करने और उत्सर्जन घटाने पर भी ध्यान दिया जा रहा है. स्मार्ट औद्योगिक शहर इन उद्देश्यों को हासिल करने में अग्रणी योगदान कर सकते हैं. हाल के वर्षों में राष्ट्रीय राजमार्गों के उल्लेखनीय विस्तार के साथ-साथ औद्योगिक उप-केंद्रों, भंडारण क्षमता आदि पर भी जोर दिया गया है. राष्ट्रीय लॉजिस्टिक नीति के तहत समूचे देश में औद्योगिक नेटवर्क बढ़ाया जा रहा है.

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