विश्व में जगह-जगह हो रहे आतंकी हमले दरअसल मानव सभ्यता पर हमले हैं. आतंकवाद का कोई धर्म नहीं होता. हालांकि आज के आतंकवाद को इसलामिक आतंकवाद का नाम देकर इसे धर्म का जामा पहनाया गया है. दुख तो इस बात का है कि एक खास धर्म के लोग ही निर्दोष लोगों पर हमले कर रहे हैं और उनकी जान भी ले रहे हैं. पूरा विश्व समुदाय आज आतंकी हमलों की चपेट में है.
विश्व के किस कोने में कब हमला हो जाये, यह कोई नहीं कह सकता. नये-नये लोग इसलामिक स्टेट नाम के आतंकवादी संगठन से जुड़ते जा रहे हैं. हर देश की सरकार को चाहिए कि वो अपने युवा वर्ग को रचनात्मक कार्यों में लगा कर उन्हें जीवन का एक उद्देश्य दिखलाये जिससे वह मानव जाति की भलाई के लिए काम करे, न कि विध्वंसक कार्यों में लगे.
डॉ प्रभात कुमार, जयपुर
