निठारी कांड की तरह दिल्ली और एनसीआर में अब भी सीरियल रेपिस्टों की कमी नहीं है. ये हमेशा निठारी कांड के घाव को कुरेदने का काम करते हैं. अभी हाल ही में पुलिस के हत्थे चढ़ा सीरियल रेपिस्ट किलर रवींद्र द्वारा करीब 35 मासूमों को हवश का शिकार बना कर काम तमाम कर दिया गया.
इस खबर ने न केवल दिल्ली के लोगों को दहला दिया, बल्कि यह खबर जंगल में आग की तरह पूरे देश में फैल गयी. 16 दिसंबर की दर्दनाक घटना के बाद देश में कठोर कानून बनाये जाने के बाद भी वहशियों के मन में कानून के प्रति खौफ पैदा नहीं हो रहा है और वे इस प्रकार की घटनाओं को लगातार अंजाम दे रहे हैं. यह समझ में नहीं आता कि इस प्रकार की घटनाओं को रोकने के लिए देश में अब कैसा कानून बनाया जाये. क्या इसके लिए सिर्फ सरकार ही जिम्मेदार है, हमारा समाज नहीं?
वेद, मामूरपुर, नरेला
