समय पर हो सड़कों का निर्माण कार्य

जजर्र सड़कों की मरम्मत या फिर उनका नये सिरे से निर्माण तो आम तौर पर कभी भी करा दिया जाता है, लेकिन यह अगर सही समय पर हो, तो सड़कों की मजबूती बढ़ जाती है. सड़क पीचिंग और निर्माण फरवरी से जून के प्रथम सप्ताह तक कराया जाना उचित है, क्योंकि गरमी में कंक्रीट और […]

जजर्र सड़कों की मरम्मत या फिर उनका नये सिरे से निर्माण तो आम तौर पर कभी भी करा दिया जाता है, लेकिन यह अगर सही समय पर हो, तो सड़कों की मजबूती बढ़ जाती है.
सड़क पीचिंग और निर्माण फरवरी से जून के प्रथम सप्ताह तक कराया जाना उचित है, क्योंकि गरमी में कंक्रीट और अलकतरा मजबूरी से एक-दूसरे को पकड़ लेते हैं. वहीं, सड़कों का निर्माण कार्य मई-जून में कराने से वर्षा शुरू हो जाती है. पानी अलकतरा का दुश्मन है. एक भी कंक्रीट अगर निकल गयी, तो पूरी की पूरी सड़क का सत्यानाश होना तय है. अब करीब-करीब मॉनसून आ गया है.
सड़क की पीचिंग का काम जोर-शोर से चल रहा है. अब वह अधर में लटक जायेगा. सालों बाद रातू रोड क्षेत्र में ऊबड़-खाबड़ सड़कों को पाटा जा रहा है. सड़क को चिकना बनाया जा रहा है, लेकिन इसमें मॉनसून बाधक हो सकता है.
किशन अग्रवाल, रांची

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