पर्वत शिखर से नीचे लुढ़कता एक दल

भारतीय कांग्रेस पार्टी का इतिहास स्वर्णिम रहा है. कभी इस पार्टी में डॉ राजेंद्र प्रसाद, पंडित जवाहर लाल नेहरू, मौलाना अबुल कलाम आजाद, सरदार बल्लभभाई पटेल, सुभाष चंद्र बोस, लाल बहादुर शास्त्री तथा इंदिरा गांधी सरीखे अप्रतिम, विश्वसनीय तथा विश्वप्रसिद्ध नेता थे, जिन्होंने देश की प्रगति व समृद्धि को व्यापक आयाम दिये एवं देश की […]

भारतीय कांग्रेस पार्टी का इतिहास स्वर्णिम रहा है. कभी इस पार्टी में डॉ राजेंद्र प्रसाद, पंडित जवाहर लाल नेहरू, मौलाना अबुल कलाम आजाद, सरदार बल्लभभाई पटेल, सुभाष चंद्र बोस, लाल बहादुर शास्त्री तथा इंदिरा गांधी सरीखे अप्रतिम, विश्वसनीय तथा विश्वप्रसिद्ध नेता थे, जिन्होंने देश की प्रगति व समृद्धि को व्यापक आयाम दिये एवं देश की छवि को विश्ववंद्य बनाया.

अपेक्षा थी कि स्वस्थ आत्ममंथन, विश्‍लेषण, विचारों एवं क्रियाकलापों में अभूतपूर्व क्रांति लाकर तथा प्रेरणा, प्रगति और प्रयास का संतुलित स्वर बन यह पार्टी अपनी विलुप्त आभा तथा गौरव पुन: प्राप्त करने का प्रयास करेगी, लेकिन लगता नहीं. इसकी गतिविधियों और ताजे म्यामांर, सुषमा-ललित मोदी प्रसंगों पर असंगत-विकृत प्रतिक्रियाओं से यह सुस्पष्ट हो रहा है कि पार्टी की स्थिति पेड़ से टूटे पत्ते के समान हो गयी है.

अविनाश चंद्र श्रीवास्तव, हजारीबाग

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