इस समय पूरे देश में मैगी में की गयी मिलावट पर खूब चर्चा हो रही है. शहर हो या गांव, घर हो या बाजार, हर जगह मैगी में मिलावट पर ही बहस जारी है, लेकिन क्या जहरीले पदार्थो की मिलावट में एक ही कंपनी है या और भी कई कंपनियां शामिल है.
आज लोग स्वयं ही भोजन बना कर सेवन करना पसंद नहीं करते. लोगों को डिब्बाबंद भोजन करना ज्यादा पसंद है या फिर होटलों में जा कर भोजन करते हैं. ऐसे में लोग मिलावटी वस्तु का उपयोग करने पर मजबूर हो जाते हैं.
पैसा कमाने के लिए निर्माता अचार, विभिन्न प्रकार के डिब्बाबंद सलाद, चिप्स, चटनी, आटा, खाद्य तेल और मिठाई आदि में कई तरह के अखाद्य पदार्थ मिला देते हैं. इससे हमारे शरीर में कई प्रकार की बीमारी पैदा हो जाती है. ऐसी कंपनियों का रसूख भी ऊंचा होता है. सवाल यह है कि क्या सरकार इन पर भी कार्रवाई करेगी?
सुजीत कुमार मांझी, मुरहू, खूंटी
