भूमि विधेयक किसानों के लिए आफत

जबसे हमने नये भूमि अधिग्रहण विधेयक के बारे में सुना है, हमारा दिल जोरों से धड़क रहा है. मन में बेचैनी है. अपने भविष्य को लेकर अनेक आशंकाएं पैदा हो रही हैं. एक ओर मोदी जी इस अध्यादेश की पुरजोर वकालत करते हैं, वहीं विपक्षी दल के लोग देश के कोने-कोने में इसका विरोध कर […]

जबसे हमने नये भूमि अधिग्रहण विधेयक के बारे में सुना है, हमारा दिल जोरों से धड़क रहा है. मन में बेचैनी है. अपने भविष्य को लेकर अनेक आशंकाएं पैदा हो रही हैं. एक ओर मोदी जी इस अध्यादेश की पुरजोर वकालत करते हैं, वहीं विपक्षी दल के लोग देश के कोने-कोने में इसका विरोध कर रहे हैं.
विरोधी पार्टियां इसे किसान विरोधी बता रही हैं. इससे गरीबों का हक छिन जाने का खतरा अधिक है. हम गरीब किसान पूरे देश को रोटी खिलाते हैं, लेकिन यह कोई नहीं देखता कि वे भूखे कैसे रह जाते हैं. हमारी पीड़ा और इच्छा कोई नहीं जानना चाहता. हमें दोनों ओर से गुमराह किया जा रहा है. ऐसा भी नहीं है कि हम किसान बिल्कुल नासमझ हैं. हमें समझ में आता है कि क्या जायज और क्या नाजायज है? सरकार भूमि अधिग्रहण विधेयक के मार्फत किसानों पर आफत बरसाने जा रही है.
एभरॉन सोय, चाईबासा, प सिंहभूम

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