किसानों का बदतर जीवन कैसे सुधारें?

हमारा देश गांवों का देश है. हर गांव में ज्यादातर लोग खेती करते हैं, लेकिन आज भी सरकार गांवों के विकास पर खास ध्यान नहीं दे रही है. हर साल बजट बनता है, लेकिन खेती के विकास के नाम पर राशि न के बराबर आवंटित की जाती है. क्यों? लोग कहते हैं कि हमारा देश […]

हमारा देश गांवों का देश है. हर गांव में ज्यादातर लोग खेती करते हैं, लेकिन आज भी सरकार गांवों के विकास पर खास ध्यान नहीं दे रही है. हर साल बजट बनता है, लेकिन खेती के विकास के नाम पर राशि न के बराबर आवंटित की जाती है.
क्यों? लोग कहते हैं कि हमारा देश विकास की ओर अग्रसर है. कहां विकास कर रहा है और किसका विकास हो रहा है? आज भी हमारे देश के अधिकतर गांवों में बिजली, सड़क, पानी जैसी बुनियादी सुविधाएं नहीं हैं. किसानों के लिए बाजार व्यवस्था नहीं है. महाजन मनमाने दामों में सामानों की खरीद-फरोख्त करते हैं.
लोग कर्ज के भार के तले दबते जा रहे हैं. अंत में कर्ज नहीं चुका पाने की स्थिति में जान दे देते हैं. आज लोग कृषि कार्य से दूर भागते जा रहे हैं. शहरों की ओर पलायन बढ़ता जा रहा है. आखिर इन किसानों का जीवन कैसे सुधरेगा?
सुजीत कुमार मांझी, मुरहू, खूंटी

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