नरेंद्र मोदी जब से प्रधानमंत्री बने हैं, तभी से हर दिन कुछ न कुछ चर्चा का विषय उभरता है, जो स्वस्थ लोकतंत्र के लिए बेहतर है. इससे यह भी प्रतीत होता है कि कुछ काम हो रहा है.
खास कर विदेश नीति में परिवर्तन दिख रहा है. पुराने रिश्ते मजबूत हो रहे हैं. नये रिश्ते गढ़े जा रहे हैं. इस बीच कई समझौतों पर सहमति बनी है. बांग्लादेश से तो सीमा संबंधित अड़चन भी दूर हो गयी. भारत की साख विदेशों में बढ़ी है और एक सकारात्मक दृष्टि बनी है. इन सब के बीच मोदी जी को अब घरेलू समस्याओं पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है.
शिक्षा, रोजगार, तकनीक, आधारभूत संरचना, ग्रामीण परिवेश, शहरीकरण आदि कई ऐसे क्षेत्र हैं, जिसमे सघन काम करने की जरूरत है. खाद्य सुरक्षा और न्यूनतम जीवन-यापन के संसाधनों का वितरण को लेकर गंभीर होना है. भ्रष्टाचार पर लगाम कसा जाना तो अभी बाकी ही है.
मनोज अजीज, जमशेदपुर
