केंद्र सरकार द्वारा फटेहाल जीवन जीने को मजबूर गन्ना किसानों के लिए 6000 करोड़ का पैकेज देने का एलान किया गया. कहा गया यह पैसा बतौर कर्ज चीनी मिल मालिकों को दिया जायेगा. इस पर एक साल तक कोई ब्याज भी नही लगेगा.
इस पैसे को सीधे उन अभागे किसानो के बैंक खाते में हस्तांतरित किया जायेगा, जिनका पिछले 10 सालों से चीनी मिल मालिकों पर बकाया है. कुल बकाया 21 हजार करोड़ रुपये है. इस पर ब्याज जोड़ा जाये, तो राशि 24 हजार करोड़ के पार चली जायेगी.
इस प्रकार के पैकेज देने मात्र से ही गन्ना किसानों के आसुओं को स्थायी तौर पर नहीं पोछा जा सकता. साल 2013 में भी यूपीए सरकार द्वारा 6800 करोड़ का विशेष पैकेज का एलान किया गया था, मगर किसानों को कोई लाभ नहीं हुआ. इस राशि से भी उनका दर्द कम नहीं होगा.
जंग बहादुर, गोलपहाड़ी, जमशेदपुर
