आशा की अंतिम किरण है मोदी सरकार

भारत की बागडोर सरकार में बैठ कर लूट मचानेवालों के हाथों में न होकर नयी अवधारणाओं से युक्त प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथों में है. ऐसा आभास होने लगा है कि इस सरकार ने अपनी कार्य-प्रणाली को चार चरणों में विभक्त कर दिया है. इसके तहत देश तथा नेताओं की छवि सुधार कर देश की […]

भारत की बागडोर सरकार में बैठ कर लूट मचानेवालों के हाथों में न होकर नयी अवधारणाओं से युक्त प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथों में है. ऐसा आभास होने लगा है कि इस सरकार ने अपनी कार्य-प्रणाली को चार चरणों में विभक्त कर दिया है.
इसके तहत देश तथा नेताओं की छवि सुधार कर देश की जनता और विश्व समुदाय का भरोसा जीत व्यापक आधार पर सुसंगत वातावरण का सृजन किया जाये. विस्तृत आंकड़ों, तथ्यों और विचारों का संग्रहण किया जाये. इनके गुण-दोषों एवं उपयोगिता व प्रभावों को विश्‍लेषण किया जाये.
इसके साथ ही विश्‍लेषित, संशोधित और उपयोगी योजनाओं का क्रियान्वयन कराया जाये. सरकार की इन गतिविधियों का परिणाम तो भविष्य के गर्भ में छिपा है, लेकिन देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से लोगों को सभी क्षेत्रों में संतुलन स्थापित करने की आशा है.
अविनाश चंद श्रीवास्तव, हजारीबाग

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