स्थानीयता मुद्दे पर भाजपा की चाल

बिहार विधानसभा चुनाव के पहले झारखंड में स्थानीयता परिभाषित नहीं करना भाजपा की ओछी राजनीति को प्रदर्शित करता है. झारखंड में स्थानीयता जल्द परिभाषित करने के लिए आंदोलन शुरू हो चुका था. जगह जगह से स्थानीयता परिभाषित करने की मांग की जा रही थी. राज्य के मुख्यमंत्री रघुवर दास ने भी 15 दिनों के अंदर […]

बिहार विधानसभा चुनाव के पहले झारखंड में स्थानीयता परिभाषित नहीं करना भाजपा की ओछी राजनीति को प्रदर्शित करता है. झारखंड में स्थानीयता जल्द परिभाषित करने के लिए आंदोलन शुरू हो चुका था. जगह जगह से स्थानीयता परिभाषित करने की मांग की जा रही थी.
राज्य के मुख्यमंत्री रघुवर दास ने भी 15 दिनों के अंदर स्थानीयता परिभाषित करने का भरोसा दिलाया, लेकिन बिहार विधान सभा चुनाव की आहट को देखते हुए भाजपा के वरीय नेताओं ने झारखंड के मुख्यमंत्री को चुप्पी साधने की नसीहत दे डाली. अगर बिहार विधानसभा चुनाव के पहले झारखंड में भाजपा सरकार द्वारा स्थानीयता परिभाषित कर दी जाती है तो बिहार चुनाव में भाजपा को भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है. शायद इसी बात का अनुमान कर स्थानीयता के मुद्दे को झारखंड भाजपा बिहार चुनाव तक टालेगी.
प्रताप तिवारी, सारठ

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