देश के भीतर के काले धन पर ध्यान दें

देश की बड़ी आबादी तो अपने जिले से बाहर नहीं निकल पाती. उसके लिए दिल्ली भी विदेश जैसा है. लेकिन वह देश के अंदर ही काला धन कमानेवालों से वाकिफ है. नगर निगम, बिक्री कर, आय कर व आबकारी विभाग, तहसील, कचहरी, पुलिस महकमा, सरकारी अस्पताल, बुनियादी शिक्षा विभाग, जिला आपूर्ति विभाग, बिजली विभाग समेत […]

देश की बड़ी आबादी तो अपने जिले से बाहर नहीं निकल पाती. उसके लिए दिल्ली भी विदेश जैसा है. लेकिन वह देश के अंदर ही काला धन कमानेवालों से वाकिफ है.
नगर निगम, बिक्री कर, आय कर व आबकारी विभाग, तहसील, कचहरी, पुलिस महकमा, सरकारी अस्पताल, बुनियादी शिक्षा विभाग, जिला आपूर्ति विभाग, बिजली विभाग समेत अनेक सरकारी विभागों में ईमानदारी की कुछ ज्यादा ही कमी है. शायद ही कोई भाग्यशाली नागरिक होगा, जो इन विभागों में प्रवेश करने के बाद जेब ढीली करवा कर न आता हो.
हर कदम पर चढ़ावा चढ़ाना पड़ता है, काम करानेवालों की जेबें ढीली होती हैं और विभागीय कर्मचारियों व अधिकारियों की जेबें भरती हैं. इन विभागों में रिश्वत लेने और देने का खुला खेल होता है. फिर भी शासकों की नजर में देश में भ्रष्टाचार नहीं है.
सुरुचि प्रिया, रांची

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