आदरणीय, प्रधानमंत्री जी, देश को आपसे बहुत उम्मीदें हैं. आप भारतवर्ष परिवार के मुखिया हैं. आप इससे अनजान नहीं होंगे कि यहां रोज बहन, बेटियों और बहुओं की इज्जत तार-तार हो रही है.
महिलाओं के प्रति हिंसा में काफी तेजी आ गयी है. इसको अगर रोका न गया, तो आधी-आबादी का भरोसा कानून और सरकार से उठ जायेगा. महाशय, योग, प्राणायाम, ध्यान आदि से आपकी चेतना जागृत है. अत: आपके दिमाग में इसे लेकर कुछ योजनाएं जरूर होंगी, जिससे महिलाएं खुद को सुरक्षित महसूस कर सकें. आपसे उम्मीद है कि आप हर प्रकार की अश्लीलता पर कड़ाई से रोक लगायेंगे.
फूहड़ विज्ञापनों पर भी रोक लगाने की सोच ही रखते होंगे. सेंसर बोर्ड को भी संवदेनशील बनायेंगे. अत: आपसे आग्रह है कि आप उपरोक्त विषयों पर ध्यान देने का कष्ट जरूर करेंगे.
संतोष कुशवाहा, ई-मेल से
