इन दिनों गर्मी की छुट्टियां चल रही हैं. बच्चों को प्रत्येक साल मिलनेवाली छुट्टियों में ये सबसे लंबी छुट्टी है. चिलचिलाती धूप तथा अत्यधिक तापमान की वजह से बच्चे न तो घर से कहीं बाहर घूमने जा पा रहे हैं और न ही बिजली की कटौती से घर में ढंग से रह पा रहे हैं.
देवघर जिले में बिजली की मांग 85 मेगावाट है और आपूर्ति मात्र 40-45 मेगावाट होती है. झारखंड सरकार के दो मंत्री देवघर जिले के निवासी हैं. इन्होंने चुनाव पूर्व बिजली की समस्या का स्थायी समाधान करने का वादा किया था, अब यह वादा खोखला साबित हो रहा है.
शहरों से अधिक दयनीय स्थिति ग्रामीण क्षेत्रों की है. गांवों में 24 घंटे में मात्र 5-6 घंटे ही बिजली की आपूर्ति होती है. इन छुट्टियों में बच्चों के पास टीवी, पंखा, कंप्यूटर तथा अन्य उपकरणों को बंद पड़े निहारने के अलावा कोई चारा नहीं है.
प्रताप तिवारी, सारठ, देवघर
