मजबूती के साथ आगे आयें महिलाएं

किसी भी राष्ट्र का समुचित विकास तभी संभव है, जब वहां के औरत-मर्द में भेदभाव न हो और नारियों के व्यक्तित्व का पूर्ण विकास हो. आज महिलाएं हर क्षेत्र में पुरु ष के साथ कंधे से कंधा मिला कर आगे बढ़ रही हैं. शिक्षा, चिकित्सा, व्यापार, उद्योग, हस्तकला आदि में महिलाएं पुरु षों से आगे […]

किसी भी राष्ट्र का समुचित विकास तभी संभव है, जब वहां के औरत-मर्द में भेदभाव न हो और नारियों के व्यक्तित्व का पूर्ण विकास हो. आज महिलाएं हर क्षेत्र में पुरु ष के साथ कंधे से कंधा मिला कर आगे बढ़ रही हैं.
शिक्षा, चिकित्सा, व्यापार, उद्योग, हस्तकला आदि में महिलाएं पुरु षों से आगे निकल चुकी हैं. आजादी के दौरान पहली बार महिलाएं घर से बाहर निकलीं और आज़ादी की लड़ाई में कूद पडीं. नारियों में अपार शक्ति और क्षमता हैं. अपने अद्भुत साहस, अथक परिश्रम और लगन के बल पर महिलाओं ने दुनिया में अपनी पहचान बनायी है.
देश की सुरक्षा क्षेत्र में भी महिलाओं का अहम योगदान है. खेल जगत में भी महिलाएं आगे निकल चुकी है. इसके बावजूद महिलाओं को हेय दृष्टि से क्यों देखा जाता है? आज महिलाओं को मजबूती के साथ आगे आने की जरूरत है.
संजय सिन्हा, आसनसोल

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