अवैध दोहन से बाधित रहेगा विकास

आज झारखंड राज्य को बने हुए लगभग 15 साल होने को है. परंतु आज भी यहां की स्थिति बहुत ही दयनीय और परेशान करनेवाली है. इसका एक प्रमुख कारण राज्य की राजनीतिक अस्थिरता रही है. क्या आप कभी सोच सकते हैं कि कोई निर्दलीय विधायक भी मुख्यमंत्री बन सकता है? पर हमारे राज्य में ये […]

आज झारखंड राज्य को बने हुए लगभग 15 साल होने को है. परंतु आज भी यहां की स्थिति बहुत ही दयनीय और परेशान करनेवाली है. इसका एक प्रमुख कारण राज्य की राजनीतिक अस्थिरता रही है.
क्या आप कभी सोच सकते हैं कि कोई निर्दलीय विधायक भी मुख्यमंत्री बन सकता है? पर हमारे राज्य में ये सब मुमकिन है. झारखंड में किसी भी खनिज संपदा की कमी नहीं है. फिर भी यहां की आम जनता नारकीय जीवन जीने को मजबूर है. समस्या इतनी गंभीर है कि यहां के कुछ लोगों को दो वक्त की रोटी भी नसीब नहीं है.
वहीं, राज्य के अमीर पूंजीपति अपने फायदे के लिए अवैध रूप से सभी खनिज संपदा का दोहन कर रहे हैं. बालू से लेकर कोयला की अवैध रूप से खनन एवं खरीद-फरोख्त जब तक जारी रहेगा, तब तक हमारा राज्य आगे नहीं बढ़ सकता.
आदित्य शर्मा, जमशेदपुर

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