आर्थिक मजबूती के लिए बिजली बचायें

बिजली राष्ट्रीय ऊर्जा है, तो देश की समृद्धि और विकास का आधार भी. इसके उपयोग को लेकर उपभोक्ताओं में दूरदृष्टि का सर्वथा अभाव है. मनमाने तरीके से इसका उपयोग किया जा रहा है. सही मायने में बिजली की मितव्ययिता देश और समाज के भविष्य को मजबूती प्रदान कर सकती है. इसके लिए हम सबकी इच्छाशक्ति […]

बिजली राष्ट्रीय ऊर्जा है, तो देश की समृद्धि और विकास का आधार भी. इसके उपयोग को लेकर उपभोक्ताओं में दूरदृष्टि का सर्वथा अभाव है. मनमाने तरीके से इसका उपयोग किया जा रहा है. सही मायने में बिजली की मितव्ययिता देश और समाज के भविष्य को मजबूती प्रदान कर सकती है. इसके लिए हम सबकी इच्छाशक्ति बहुत मजबूत होनी चाहिए.
हमें अपने अंदर से राष्ट्रीय ऊर्जा को अनावश्यक रूप से खर्च करने की आदत बदलनी होगी. इसके अनियमित उपयोग से बिजली-पानी की समस्या विकराल होती जा रही है. मांग में लगातार वृद्धि हो रही है, तो आपूर्ति और उत्पादन मांग के अनुरूप नहीं है.
हम चाहें, तो अत्याधुनिक उपकरणों का प्रयोग करके बिजली की बचत कर सकते हैं. इसके साथ ही हमारे सार्वजनिक बड़े संस्थानों में बिजली के अनियमित और असंयमित खर्च पर भी रोक लगानी होगी. स्कूल-कॉलेजों और अन्य प्रतिष्ठानों में लापरवाही से किये जा रहे उपयोग पर लगाम लगानी होगी.
इसके अलावा, हम प्राकृतिक संसाधनों और अक्षय ऊर्जा के स्नेतों का उपयोग न करके भी बिजली की मांग में इजाफा कर रहे हैं. सरकार लगातार ऊर्जा के अन्य स्नेत के रूप में अक्षय और प्राकृतिक ऊर्जा को बढ़ावा दे रही है. फिर भी हम उनके उपयोग के प्रति सचेत नहीं हैं. सीमित संसाधनों का उपयोग करने के बजाय देखादेखी में हम उत्पादित बिजली पर ही आश्रित हैं.
बिजली बचत के लाखों साधनों का उपयोग करके हम करोड़ों रुपये की बिजली की बचत कर सकते हैं. परमाणु, पानी, कोयला और गैस से उत्पादित बिजली का उपयोग यदि उद्योग और कृषि क्षेत्र के लिए किया जाये. इससे देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी.
पूनम गुप्ता, मधुपुर

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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