झारखंड सरकार के मुख्य सचिव महोदय से सविनय निवेदन है कि राज्य में अवैध खनन से अनेक पहाड़ों का आस्तित्व समाप्त होने के कगार पर है. इसकी खबर आये दिन समाचार पत्रों में प्रकाशित की जा रही है.
खास कर प्रभात खबर में प्रकाशित समाचार पर हाइकोर्ट ने स्वत: संज्ञान लिया है. पहाड़ों पर वीरानगी होने की वजह से अवैध खनन करनेवालों को मौका भी मिल जाता है. महाशय आपसे निवेदन है कि पहाड़ों को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करके अथवा वहां महत्वपूर्ण भवन बनवा करके और संयंत्रों को स्थापित करके उनकी वीरानगी को समाप्त किया जा सकता है.
इससे एक तो इनके अस्तित्व पर खतरा नहीं मंडरायेगा. दूसरे, वहां लोगों की आवाजाही शुरू हो जायेगी. इससे अवैध खनन करनेवालों को मौका नहीं मिलेगा और पहाड़ आबाद हो जायेंगे.
लोकेश कुमार, धनबाद
