किसानों को लील रही यह व्यवस्था

अभी कुछ दिन पहले खबर आयी कि आलू के किसान ने आत्महत्या कर ली. देश में कोई ऐसी जगह नहीं है, जहां आलू का उपयोग न होता हो, मगर इसका उत्पादन उत्तर प्रदेश, बिहार और पश्चिम बंगाल में अधिक होता है. ये तीन राज्य पूरे देश में आलू की आपूर्ति करते हैं. पश्चिम बंगाल के […]

अभी कुछ दिन पहले खबर आयी कि आलू के किसान ने आत्महत्या कर ली. देश में कोई ऐसी जगह नहीं है, जहां आलू का उपयोग न होता हो, मगर इसका उत्पादन उत्तर प्रदेश, बिहार और पश्चिम बंगाल में अधिक होता है.
ये तीन राज्य पूरे देश में आलू की आपूर्ति करते हैं. पश्चिम बंगाल के आलू की घरेलू खपत अधिक है. राज्य में किसान अपनी लागत वसूल नहीं पाते, तो दूसरे राज्य के लोगों को महंगे दामों पर भी आलू नसीब नहीं है. खपत और उत्पादन में समस्या नहीं है, तो फिर आलू के किसान आत्महत्या क्यों कर रहे हैं?
क्या यह हमारी व्यवस्था में दोष का नतीजा नहीं है? यह व्यवस्था ही है, जो हमारे किसानों को मरने पर मजबूर कर रही है. सरकार आपूर्ति व्यवस्था ठीक कर दे, तो ये गरीब किसान मौत को गले न लगायें. इससे महंगाई पर भी काबू पाया जा सकता है.
विनोद कुमार गुप्ता, कोलकाता

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