आज का बाजार नियंत्रणहीन हो गया है. मुनाफाखोरों की मनमानी के आगे आम आदमी बेबस है. खरीदार, किसान और आम आदमी व्यापारियों और दुकानदारों के हाथों ठगे जा रहे हैं. एक सामान के दाम बाजार के पांच दुकानों पर भिन्न-भिन्न प्रकार से सुनाये जाते हैं.
यदि किसी को चीनी खरीदनी है, तो अलग-अलग दुकानों पर उसकी कीमत अलग-अलग बतायी जाती है. इससे उपभोक्ता दिग्भ्रमित हो रहा है. महंगाई के दौर में मूल्यों पर नियंत्रण करनेवाला कोई नहीं है. आज का बाजार अखबार, इंटरनेट या टीवी चैनलों पर प्रसारित होनेवाली खबरों के आधार पर नियंत्रित हो रहा है. बाजार पूरी तरह से नियंत्रणमुक्त हो गया है.
सरकार की ओर से मूल्य नियंत्रित करने के लिए विशिष्ट अनुभाजन अधिकारी नियुक्त किये गये हैं, लेकिन वे कहीं भी नजर नहीं आते. अत: अधिकारीगण इस ओर ध्यान दें.
भास्कर सिंह, ई-मेल से
