जंगल में आग लगानेवालों को रोकें

वन विभाग की ओर से हर साल वन एवं वन्य जीवों के संरक्षण के लिए अरबों रुपये पानी में बहा दिये जाते हैं. वहीं, झारखंड में मार्च और अप्रैल महीने के दौरान जंगलों में आग लगा दी जाती है. यह आग जंगलों से महुआ चुनने के लिए लगायी जाती है. इस आग को देखने के […]

वन विभाग की ओर से हर साल वन एवं वन्य जीवों के संरक्षण के लिए अरबों रुपये पानी में बहा दिये जाते हैं. वहीं, झारखंड में मार्च और अप्रैल महीने के दौरान जंगलों में आग लगा दी जाती है.
यह आग जंगलों से महुआ चुनने के लिए लगायी जाती है. इस आग को देखने के बाद भी वन विभाग चुपचाप मूकदर्शक बना रहता है. यह समझ में नहीं आता कि सरकार की ओर से वन विभाग को अरबों रुपये क्यों दिये जाते हैं?
सिर्फ इसलिए कि वह जंगलों में आग लगानेवालों को जागरूक करने के नाम पर इसे डकार जायें? यह सभी जानते हैं कि जंगल में आग लगा देने से बहुत से जीव-जंतु नष्ट हो जाते हैं. फिर सरकार आग लगानेवालों पर कठोर कार्रवाई क्यों नहीं करती? सरकार को जंगलों में आग लगानेवालों की आदतों को बदलने की दिशा में काम करना ही होगा. रोक लगानी ही होगी.
दीपक कुमार सिंह, हजारीबाग

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >