विकास के नाम पर प्रकृति का विनाश

केंद्र सरकार वैश्विक पर्यावरणवादी संस्था ग्रीन पीस से नाराज चल रही है. विकास के नाम पर पर्यावरण के साथ खिलवाड़ करने का आरोप सरकार को गंवारा लग रहा है. जब सत्ताधारी दल विपक्ष में होता है, तो वह खुद झंडा लेकर सरकार के विरोध में सड़क पर उतर आता है, लेकिन जब उसकी ही बारी […]

केंद्र सरकार वैश्विक पर्यावरणवादी संस्था ग्रीन पीस से नाराज चल रही है. विकास के नाम पर पर्यावरण के साथ खिलवाड़ करने का आरोप सरकार को गंवारा लग रहा है. जब सत्ताधारी दल विपक्ष में होता है, तो वह खुद झंडा लेकर सरकार के विरोध में सड़क पर उतर आता है, लेकिन जब उसकी ही बारी आती है, तो वह नाराजगी जाहिर करता है.
अगर उसके सामने सही सवाल किये जायें, तो वह भी उसे चुभने लगते हैं. आज जो दल सत्ता में है, कल वही विपक्ष में रहने पर पर्यावरण संरक्षण को लेकर आंदोलन की बातें किया करता था, लेकिन आज जब वही बात उससे कही जा रही है, तो वह उसे बेमानी लग रही है. अभी चंद सप्ताह पूर्व ही दिल्ली हाइकोर्ट ने सरकार को ग्रीन पीस मामले पर फटकार लगाया है. क्या सरकार गूंगी बहरी हो गयी है.
जंग बहादुर, ई-मेल से

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