फ्रांस-भारत संबंधों का यह नया दौर

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तीनदिनी फ्रांस यात्र की उपलब्धियां दोनों देशों के परस्पर संबंधों की बेहतरी और मजबूती के लिहाज से बहुत महत्वपूर्ण हैं. इस दौरान 20 समझौतों पर हस्ताक्षर हुए, जिनमें सिविल न्यूक्लियर, रक्षा, शहरी विकास, रेलवे, अंतरिक्ष आदि से जुड़े करार शामिल हैं. फ्रांस ने सतत विकास के लिए दो बिलियन यूरो के […]

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तीनदिनी फ्रांस यात्र की उपलब्धियां दोनों देशों के परस्पर संबंधों की बेहतरी और मजबूती के लिहाज से बहुत महत्वपूर्ण हैं. इस दौरान 20 समझौतों पर हस्ताक्षर हुए, जिनमें सिविल न्यूक्लियर, रक्षा, शहरी विकास, रेलवे, अंतरिक्ष आदि से जुड़े करार शामिल हैं.

फ्रांस ने सतत विकास के लिए दो बिलियन यूरो के निवेश का वादा किया है तथा जहाज निर्माता कंपनी एअरबस ने अगले पांच सालों में भारत से आउटसोर्सिग सेवाएं 400 मिलियन से बढ़ा कर दो बिलियन यूरो करने का निर्णय लिया है. इनके अलावा शिक्षा, तकनीक, पर्यटन, सांस्कृतिक आदान-प्रदान, पुरातत्व, कौशल विकास आदि के क्षेत्र में भी साङोदारी बढ़ाने का फैसला लिया गया है.

राष्ट्रपति ओलांद से संवाद के अलावा मोदी ने यूनेस्को के मुख्यालय में तथा फ्रांस में बसे भारतीयों और भारतीय मूल के लोगों को दिये संबोधनों में एक राष्ट्र के रूप में अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत की उपस्थिति को भी रेखांकित किया है. दुनिया के विविध व विभिन्न समुदायों, बच्चों व संस्कृतियों का समुचित विकास वैश्विक आवश्यकता है. मोदी ने इन मसलों पर भारत की प्रतिबद्धता को दोहराया. उन्होंने यूनेस्को को दिये महात्मा गांधी के संदेश और संस्था की शुरुआत में डॉ राधाकृष्णन के नेतृत्व व योगदान की भी चर्चा की. मोदी ने भारत के सभी समुदायों के हितों के प्रति सरकार के समर्पण का उल्लेख करते हुए कहा कि वे समाज के सभी वर्गो के कल्याण के लिए प्रयासरत है.

भारतीय मूल के लोगों की उम्मीदों के प्रति अपनी संवेदनशीलता व्यक्त करने के साथ मोदी ने देश के विकास में उनके सहयोग का आह्वान भी किया है. जिस आत्मविश्वास और संवाद-क्षमता का प्रदर्शन मोदी ने फ्रांस में किया है, वह न सिर्फ भारतीय आकांक्षाओं का प्रतिबिंबन है, बल्कि गांधी और बुद्ध के विचारों के उल्लेख के माध्यम से उन्होंने यह भी स्पष्ट किया है कि भारत एक राष्ट्र के रूप में अपने आधारभूत सिद्धांतों के प्रति कृतसंकल्प है. प्रधानमंत्री के उद्गारों को देश के भीतर उन तत्वों को भी ध्यान से सुनना और गुनना चाहिए, जो सांप्रदायिक वैमनस्य की राजनीति कर प्रगति के मार्ग को अवरुद्ध करने की कोशिश करते रहते हैं. उम्मीद करनी चाहिए कि मोदी की जर्मनी और कनाडा की यात्रएं भी सफल होंगी.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >