सार्वजनिक क्षेत्र की नौकरियों में विकलांगों को क्षेत्र के कार्य (फील्ड वर्क) में लगा दिया जाता है. राजस्व कर्मचारी, पंचायत सचिव, जनसेवक जैसे कई ऐसे पद हैं, जिन पर विकलांगजन आसीन हैं और उन्हें क्षेत्र में भ्रमण कर काम करना पड़ता है. इस दौरान उन्हें मुश्किलों का सामना भी करना पड़ता है. इससे उनका काम भी प्रभावित होता है.
क्षेत्र में कठिनाइयों को ङोलते हुए काम करते देख आम आदमी सरकार और व्यवस्था को कोसता है. लोग व्यवस्था और व्यक्ति का उपहास उड़ाते हैं. अत: सरकार से अपील है कि मानवीय संवेदना के आधार पर सरकारी कार्यालयों में कार्यरत विकलांगों को लिपिकीय कार्य में लगाया जाये. इससे उनकी कार्यक्षमता में वृद्धि तो होगी, साथ ही विकलांगजनों को भी कठिनाइयों से मुक्ति मिलेगी. शरीर से पूरी तरह स्वस्थ लोग व्यवस्था और व्यक्ति को कोस नहीं सकेंगे.
राजू, दुमका
