समय से बड़ा बलवान कोई नहीं है. यह बात भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान महेंद्र सिंह धौनी को अब बखूबी समझ में आ गयी होगी.
ऐसा इसलिए क्योंकि जब किस्मत उन पर मेहरबान थी और कई सीनियर खिलाड़ियों के रहते हुए उन्हें टीम इंडिया की कमान सौंपी गयी थी, तब उन्होंने गांगुली, लक्ष्मण और द्रविड़ जैसे महान सीनियर खिलाड़ियों को समय से पहले संन्यास लेने पर मजबूर कर दिया था. सेहवाग, गंभीर, युवराज, भज्जी और जहीर को भी टीम से लगातार बाहर रखा गया.
कुंबले व सचिन ने स्वेच्छा से संन्यास ले लिया. धौनी टीम इंडिया के सबसे वरिष्ठ खिलाड़ी हो गये. अब जब विराट कोहली को भविष्य का आक्रामक कप्तान माना गया, तो कप्तान धौनी ने सीरीज के बीच में ही टेस्ट से संन्यास लेने की घोषणा कर दी. वक्त अगर अच्छा दिन लाता है, तो सबक भी सिखाता है.
आनंद प्रकाश, चौपारण
