राजनीति में अमीरों की बढ़ रही है पैठ

दुनिया के सबसे बड़े लोकतांत्रिक देश भारत के चुनावों में धनबल का प्रयोग इतना अधिक बड़ता जा रहा है कि आम आदमी का चुनाव लड़ने का सपना देखना भी मुश्किल हो गया है. खास कर झारखंड में हुए इस बार के चुनाव से तो ऐसा ही लगता है. इस चुनाव में पैसों का इतना अधिक […]

दुनिया के सबसे बड़े लोकतांत्रिक देश भारत के चुनावों में धनबल का प्रयोग इतना अधिक बड़ता जा रहा है कि आम आदमी का चुनाव लड़ने का सपना देखना भी मुश्किल हो गया है. खास कर झारखंड में हुए इस बार के चुनाव से तो ऐसा ही लगता है.
इस चुनाव में पैसों का इतना अधिक इस्तेमाल किया गया कि आम आदमी चुनावी समर में कूदने के लिए सोच ही नहीं सकता है. आजाद भारत के शुरुआती दौर की राजनीति और आज की सियासत में कितना फर्क आ गया है. पहले नेता साफ छवि वाले लोगों को बनाया जाता है. उसके सामाजिक और राजनीतिक अनुभवों का मूल्यांकन किया जाता था, लेकिन आज जिसके पास बाहुबल और धनबल है, उसे हवाई टिकट देकर भी चुनावी समर में कूदने का मौका दे दिया जाता है. राजनीति में आम लोगों से अधिक संपन्न लोगों की पैठ बढ़ रही है.
सलमान मूसा, डोमचांच

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