सही उम्र में मिले सही सम्मान

कैलाश सत्यार्थी को आज पूरी दुनिया जान रही है, क्योंकि उन्हें शांति के नोबेल पुरस्कार से नवाजा गया है, लेकिन आश्चर्य और शर्म की बात है कि उनके अपने ही देश में उन्हें एक भी नागरिक सम्मान नहीं दिया गया. यह सरकारी उदासीनता नहीं तो और क्या है? इसी तरह बॉलीवुड के बेहतरीन अभिनेता प्राण […]

कैलाश सत्यार्थी को आज पूरी दुनिया जान रही है, क्योंकि उन्हें शांति के नोबेल पुरस्कार से नवाजा गया है, लेकिन आश्चर्य और शर्म की बात है कि उनके अपने ही देश में उन्हें एक भी नागरिक सम्मान नहीं दिया गया. यह सरकारी उदासीनता नहीं तो और क्या है?
इसी तरह बॉलीवुड के बेहतरीन अभिनेता प्राण साहब को दादा साहब फाल्के अवार्ड से नवाजा गया, लेकिन तब जब वे 93 वर्ष के हो गये थे. अभी मालवीय जी व पूर्व प्रधानमंत्री वाजपेयी जी को सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न दिया गया. मालवीय जी का व्यक्तित्व व कृतित्व उन्हें भारत रत्न का हकदार बनाता है, लेकिन यह किस काम का, उन्हें यह सम्मान आजादी के साथ ही मिलना चाहिए था. सरकार द्वारा ऐसे कई सम्मान दिये गये, मगर सब बेकार. सही समय पर सही सम्मान व्यक्ति और देश की प्रतिष्ठा बढ़ाता है.
सुधीर कुमार, गोड्डा

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