पेशावर की घटना ने पूरे विश्व को दहला कर रख दिया है. इस घटना ने दुनिया के देशों की आंखें खोल कर रख दी है. घटना के बाद पाकिस्तानी प्रधानमंत्री नवाज शरीफ के वक्तव्य से आतंकवाद पर नकेल कसने की उम्मीद बंधी है, लेकिन मुंबई हमले के मुख्य मास्टर माइंड सईद लखवी को जमानत दिया जाना समझ से परे है.
हालांकि भारत के दबाव में उसे दोबारा हिरासत में ले लिया गया है. इतना ही नहीं, घटना के बाद आतंकी हाफिज सईद के बयान पर पाकिस्तान की ओर से कोई प्रतिक्रिया व्यक्त नहीं करना भी लोगों को सोचने पर मजबूर कर देता है. खास कर लखवी को जमानत देने का मामला असामान्य घटना प्रतीत होती है. ऐसे में पड़ोसी देश होने के नाते भारत उसकी मदद जरूर करे, लेकिन आतंकवाद के विरुद्ध उसकी ओर से सकारात्मक सहयोग की आशा न रखे.
वैद्य चंद्रभूषण पाठक, रांची
