जाति नहीं, अच्छी सरकार आयेगी काम

जब हम सड़क पर दुर्घटनाग्रस्त होकर गिरे होते हैं, तब उठानेवाले से उसकी जाति नहीं पूछते और न ही उठनेवाला हमारी जाति पूछता है. जब नयी सरकार बनती है, तब हम अपनी ही जाति का मंत्री खोजना शुरू कर देते हैं और सरकार भी हमारी मंशा को शौक से पूरा करती है. असल में देश […]

जब हम सड़क पर दुर्घटनाग्रस्त होकर गिरे होते हैं, तब उठानेवाले से उसकी जाति नहीं पूछते और न ही उठनेवाला हमारी जाति पूछता है. जब नयी सरकार बनती है, तब हम अपनी ही जाति का मंत्री खोजना शुरू कर देते हैं और सरकार भी हमारी मंशा को शौक से पूरा करती है. असल में देश की सफल राजनीति का वही स्तर होता है, जैसा देश की जनता चाहती है.

आपके भूखे बच्चे को भोजन आपकी जातिवाले नहीं देंगे, आपके बच्चे की शिक्षा और स्वास्थ्य का ख्याल आपकी जातिवाले नहीं रखेंगे, बल्कि इसकी व्यवस्था सरकार करेगी. आज हम जाति-पांत से ऊपर उठ कर कुछ अलग सोचने का काम ही नहीं करते. हर जगह अपनी ही जात को ढूंढ़ते हैं. हमें जाति-पांत का चक्कर छोड़ अच्छी और तरक्की के रास्ते पर ले जानेवाली सरकार बनाने की दिशा में हमेशा सोचना चाहिए.

आलोक रंजन, ई-मेल से

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