कब सुध लेने आयेंगे हमारे सांसद

‘सांसद आदर्श ग्राम योजना’ की शुरुआत हुए एक महीने से अधिक समय हो गया. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और महान क्रिकेटर व सांसद सचिन तेंडुलकर ने इसके लिए गांवों का चयन भी कर लिया. मझे इन दोनों का नाम इसलिए याद है, क्योंकि मीडिया में इनकी चर्चा सबसे अधिक है. मैं जिस कॉलोनी में रहता हूं, […]

‘सांसद आदर्श ग्राम योजना’ की शुरुआत हुए एक महीने से अधिक समय हो गया. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और महान क्रिकेटर व सांसद सचिन तेंडुलकर ने इसके लिए गांवों का चयन भी कर लिया. मझे इन दोनों का नाम इसलिए याद है, क्योंकि मीडिया में इनकी चर्चा सबसे अधिक है. मैं जिस कॉलोनी में रहता हूं, वहां आठ मकानों में 30 लोगों की आबादी है.

इसके ठीक पीछे एक बस्ती है, जिसकी आबादी करीब एक हजार से ऊपर है. उसमें न तो बिजली और न पानी का साधन. यहां के निवासी सुबह हाथ में लोटा लेकर शौच करने जाते हैं, जो विद्या बालन के टीवी प्रचार को मुंह चिढ़ाता नजर आता है. पिछले 25 सालों से किसी भी जनप्रतिनिधि ने समस्याग्रस्त लोगों की सुध नहीं ली है और न ही सरकारी कर्मचारी उनकी शिकायत सुनने को तैयार हैं. यह कहना भी कठिन है कि इनके सांसद कब जागेंगे?

सुशांत कुमार, ई-मेल से

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