आपके अखबार के माध्यम से मैं नीति-निर्धारकों का ध्यान जनप्रतिनिधित्व कानून की तरफ आकर्षित करना चाहता हूं. चुनाव में हार चुके या दूसरे व तीसरे नंबर पर आये उम्मीदवारों को लगातार पांच वर्षो तक जनता के बीच रह कर उनके बुनियादी मामलों को निपटाने की जिम्मेदारी दी जानी चाहिए.
हारे हुए प्रत्याशी तथा आनेवाले चुनाव में मैदान में उतरने के लिए उन्हीं उम्मीदवारों को टिकट दिया जाना चाहिए, जो लगातार पांच वर्षो तक क्षेत्र की समस्याओं को जानते हुए उसका निष्पादन करायें. इससे जनता को यह लाभ मिलेगा कि विजेता प्रत्याशी हमेशा सतर्क रहेगा और कोई बाहरी व्यक्ति किसी भी क्षेत्र से चुनाव नहीं लड़ सकेगा. इससे क्षेत्र के लोगों को भी उनकी समस्याओं से निजात मिलेगी और संसद या विधानसभा में स्वच्छ छवि के कर्मठ लोग ही जाने में सक्षम होंगे.
सन्नी दयाल शर्मा, सिमडेगा
