प्रदेश की सरकार प्राथमिक और उच्च शिक्षा को बेहतर बनाने की दिशा में कारगर कदम उठाने की रोजाना घोषणा करती है. लेकिन आज भी इस राज्य में अच्छे शिक्षण संस्थानों की कमी बरकरार है. कहने के नाम पर उच्च शिक्षा के लिए यहां कई विश्वविद्यालय और तकनीकी संस्थान संचालित किये जा रहे हैं. इसके बाद भी यहां के प्रतिभाशाली छात्र-छात्राओं को अच्छी शिक्षा ग्रहण करने के लिए दूसरे राज्यों में जाना पड़ रहा है.
दूसरे प्रदेशों में झारखंड के विद्यार्थियों के साथ र्दुव्यवहार किया जाता है. उनकी पिटाई की जाती है, लेकिन हमारी सरकार चुप बैठी रहती है. यदि राज्य में अच्छे और बेहतरीन शिक्षण संस्थान होते, तो यहां के प्रतिभावान छात्र-छात्राओं को दूसरे प्रदेशों में नहीं जाना पड़ता और न ही उन्हें वहां के शासकों और राजनेताओं की जिल्लत झेलनी पड़ती.
सौमित्र विश्वास, रांची
