हर वर्ग के जुड़ने पर ही निकलेगा हल

टेलीविजन पर दिखाया जानेवाला ‘सत्यमेव जयते’ एक बार फिर चर्चा का विषय बना हुआ है. यह शो सामाजिक मसलों को उठा कर आम जनता को जोड़ने का प्रयास कर रहा है. यह सराहनीय कदम है. देश में कई ज्वलंत मसलों पर चर्चाएं तो होती हैं, लेकिन उस पर कार्रवाई नहीं होती. जब तक देश का […]

टेलीविजन पर दिखाया जानेवाला ‘सत्यमेव जयते’ एक बार फिर चर्चा का विषय बना हुआ है. यह शो सामाजिक मसलों को उठा कर आम जनता को जोड़ने का प्रयास कर रहा है. यह सराहनीय कदम है. देश में कई ज्वलंत मसलों पर चर्चाएं तो होती हैं, लेकिन उस पर कार्रवाई नहीं होती.

जब तक देश का आम नागरिक किसी समस्या के प्रति गंभीर नहीं होगा, तब तक उसका समाधान होना आसान नहीं है. हाल ही में, अखबारों में पढ़ा कि भाजपा के ही एक वरिष्ठ नेता के दौरे के बाद फैली गंदगी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वच्छता अभियान को धता बता रही थी. मूल बात यही है कि जनप्रतिनिधियों के सजग होने के बाद ही देश के आम नागरिक जागते हैं. यही देश के लोगों की सबसे बड़ी कमी है. लोग यह क्यों नहीं सोचते कि जब वे जागेंगे, तभी जनप्रतिनिधि भी जागेंगे.

मनीष घायल वर्मा, धनबाद

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