बंदूक किसी समस्या का हल नहीं है

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कुछ समय पहले महाराष्ट्र के चंद्रपुर के ब्रह्मपुरी में नक्सली युवकों को बंदूक छोड़ खेती के लिए हल पकड़ने की सलाह दी. यह प्रधानमंत्री जी की अच्छी पहल है. प्रधानमंत्री ने ठीक ही कहा है कि बंदूक उठाने से अभी तक किसी को लाभ नहीं पहुंचा है. मगर सवाल जरूर उठता […]

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कुछ समय पहले महाराष्ट्र के चंद्रपुर के ब्रह्मपुरी में नक्सली युवकों को बंदूक छोड़ खेती के लिए हल पकड़ने की सलाह दी. यह प्रधानमंत्री जी की अच्छी पहल है. प्रधानमंत्री ने ठीक ही कहा है कि बंदूक उठाने से अभी तक किसी को लाभ नहीं पहुंचा है. मगर सवाल जरूर उठता है कि आखिर यह नौबत आयी ही क्यों? इसके लिए तो पिछले 65 वर्षो का शासन ही जिम्मेवार है.
देश की महंगाई, बेकारी, भुखमरी, आर्थिक विषमता, शोषण और जुल्मों ने युवा शक्ति को इस राह पर लाकर खड़ा कर दिया. किसानों की हालत तो और दयनीय रही है. पिछले 10 सालों में तो दो लाख किसान आत्महत्याएं कर चुके हैं. चौकाने वाली और दुखद घटना है. मगर यह भी जायज है कि बंदूक उठाना समस्या का हल नहीं है. यह देश के युवाओं को बखूबी समझ लेना चाहिए.
वेद, मामूरपुर, नरेला

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >